सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनु कपि तोहि समान उपकारी। नहिं कोउ सुर नर मुनि तनुधारी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[भगवान् कहने लगे—] हे हनुमान्! सुन; तेरे समान मेरा उपकारी देवता, मनुष्य अथवा मुनि कोई भी शरीरधारी नहीं है। मैं तेरा प्रत्युपकार (बदलेमें उपकार) तो क्या करूँ , मेरा मन भी तेरे सामने नहीं हो सकता॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 743 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुनु कपि तोहि समान उपकारी। नहिं कोउ सुर नर मुनि तनुधारी।।
प्रति उपकार करौं का तोरा। सनमुख होइ न सकत मन मोरा।।
स्रोत अभिलेख 5.32 · पुस्तक पृ. 742, 743
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुनु कपि तोहि समान उपकारी। नहिं कोउ सुर नर मुनि तनुधारी।।
English explanation
Listen, Hanuman: no god, human, sage, or other embodied being is as helpful to me as you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| कपि | हे कपि; हनुमान | O monkey, Hanuman |
| तोहि | तुम्हारे | you |
| समान | समान | equal to |
| उपकारी | उपकार करने वाला | benefactor; one who helps |
| नहिं | नहीं | not |
| कोउ | कोई | anyone |
| सुर | देवता | god |
| नर | मनुष्य | human |
| मुनि | मुनि; ऋषि | sage |
| तनुधारी | देह धारण करने वाला | embodied being |
2 प्रति उपकार करौं का तोरा। सनमुख होइ न सकत मन मोरा।।
English explanation
What kindness can I offer in return for yours? My heart cannot even face you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रति | बदले में | in return |
| उपकार | उपकार | kindness; service |
| करौं | मैं करूँ | might I do |
| का | क्या | what |
| तोरा | तुम्हारे लिए; तुम्हारा | for you; your |
| सनमुख | सम्मुख; सामने | face to face |
| होइ | हो | be; become |
| न | नहीं | not |
| सकत | सकता | can; is able |
| मन | मन | heart; mind |
| मोरा | मेरा | my |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.32
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 743
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 742, 743
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।