सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि सुत बध लंकेस रिसाना। पठएसि मेघनाद बलवाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपुत्रका वध सुनकर रावण क्रोधित हो उठा और उसने [अपने जेठे पुत्र] बलवान् मेघनादको भेजा। (उससे कहा कि—) हे पुत्र! मारना नहीं; उसे बाँध लाना। उस बंदरको देखा जाय कि कहाँका है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 731 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुनि सुत बध लंकेस रिसाना। पठएसि मेघनाद बलवाना।।
मारसि जनि सुत बांधेसु ताही। देखिअ कपिहि कहाँ कर आही।।
स्रोत अभिलेख 5.19 · पुस्तक पृ. 731, 732
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुनि सुत बध लंकेस रिसाना। पठएसि मेघनाद बलवाना।।
English explanation
Hearing of his son's death, Ravana, king of Lanka, grew angry and sent the mighty Meghanada.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सुत | पुत्र अक्षयकुमार का | of his son Akshayakumara |
| बध | वध | slaying |
| लंकेस | लंका का राजा रावण | Ravana, king of Lanka |
| रिसाना | क्रोधित हुआ | became angry |
| पठएसि | उसने भेजा | he sent |
| मेघनाद | रावण का पुत्र मेघनाद | Meghanada, Ravana's son |
| बलवाना | बलवान | mighty |
2 मारसि जनि सुत बांधेसु ताही। देखिअ कपिहि कहाँ कर आही।।
English explanation
Son, do not kill him; bind him. Let us see where this monkey comes from.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारसि | मारना | kill him |
| जनि | मत | do not |
| सुत | हे पुत्र | O son |
| बांधेसु | बाँध लेना | bind |
| ताही | उसे, हनुमान को | him, Hanuman |
| देखिअ | देखें; पता करें | let us see; ascertain |
| कपिहि | इस वानर को | this monkey |
| कहाँ | कहाँ | where |
| कर | का | of; from |
| आही | है | is |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 731
- सहायक विषय
- हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 731, 732
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।