सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनत बचन पुनि मारन धावा। मयतनयाँ कहि नीति बुझावा।।
मूल पाठ
सुनत बचन पुनि मारन धावा। मयतनयाँ कहि नीति बुझावा।।
कहेसि सकल निसिचरिन्ह बोलाई। सीतहि बहु बिधि त्रासहु जाई।।
स्रोत अभिलेख 5.1 · पुस्तक पृ. 723, 724
भावार्थ
मूल पाठ के बादसीताजीके ये वचन सुनते ही वह मारने दौड़ा। तब मय दानवकी पुत्री मन्दोदरीने नीति कहकर उसे समझाया। तब रावणने सब राक्षसियोंको बुलाकर कहा कि जाकर सीताको बहुत प्रकारसे भय दिखलाओ॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 723 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुनत बचन पुनि मारन धावा। मयतनयाँ कहि नीति बुझावा।।
English explanation
Hearing these words, Ravana again rushed to kill Sita. Mandodari, Maya’s daughter, reasoned with him by speaking of proper conduct.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| बचन | वचन | words |
| पुनि | फिर | again |
| मारन | मारने के लिए | to kill |
| धावा | दौड़ा | rushed |
| मयतनयाँ | मय की पुत्री मंदोदरी | Mandodari, daughter of Maya |
| कहि | कहकर | by speaking |
| नीति | नीति की बात | principles of proper conduct |
| बुझावा | समझाया | reasoned with him |
2 कहेसि सकल निसिचरिन्ह बोलाई। सीतहि बहु बिधि त्रासहु जाई।।
English explanation
Ravana summoned all the demonesses and said: go and frighten Sita in many ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहेसि | उसने कहा | he said |
| सकल | सभी | all |
| निसिचरिन्ह | राक्षसियों को | the demonesses |
| बोलाई | बुलाकर | having summoned |
| सीतहि | सीता को | Sita |
| बहु | अनेक | many |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| त्रासहु | डराओ | frighten |
| जाई | जाकर | go and |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 723
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका अशोकवाटिकामें सीताको देखकर दु:खी होना और रावणका सीताजीको भय दिखलाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 723, 724
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।