सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चंद्रहास हरु मम परितापं। रघुपति बिरह अनल संजातं।।
मूल पाठ
चंद्रहास हरु मम परितापं। रघुपति बिरह अनल संजातं।।
सीतल निसित बहसि बर धारा। कह सीता हरु मम दुख भारा।।
स्रोत अभिलेख 5.1 · पुस्तक पृ. 723, 724
भावार्थ
मूल पाठ के बादसीताजी कहती हैं—हे चन्द्रहास (तलवार)! श्रीरघुनाथजीके विरहकी अग्रिसे उत्पन्न मेरी बड़ी भारी जलनको तू हर ले। हे तलवार! तू शीतल, तीव्र और श्रेष्ठ धारा बहाती है (अर्थात् तेरी धारा ठंढी और तेज है), तू मेरे दु:खके बोझको हर ले॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 723 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चंद्रहास हरु मम परितापं। रघुपति बिरह अनल संजातं।।
English explanation
O sword Chandrahāsa, remove my anguish born of the fire of separation from Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चंद्रहास | हे चंद्रहास तलवार | O sword Chandrahāsa |
| हरु | दूर कर | remove |
| मम | मेरा | my |
| परितापं | संताप | anguish |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम के | of Rama, lord of Raghu’s lineage |
| बिरह | वियोग की | of separation |
| अनल | आग से | from the fire |
| संजातं | उत्पन्न | born |
2 सीतल निसित बहसि बर धारा। कह सीता हरु मम दुख भारा।।
English explanation
You bear a cool, sharp, excellent edge. Sita says: remove my great sorrow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीतल | शीतल | cool |
| निसित | तीखी | sharp |
| बहसि | तू धारण करती है | you bear |
| बर | उत्तम | excellent |
| धारा | धार | cutting edge |
| कह | कहती हैं | says |
| सीता | सीता | Sita, Rama’s wife |
| हरु | दूर कर | remove |
| मम | मेरा | my |
| दुख | दुःख | sorrow |
| भारा | भारी | great |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 723
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका अशोकवाटिकामें सीताको देखकर दु:खी होना और रावणका सीताजीको भय दिखलाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 723, 724
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।