सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
साखामृग के बड़ि मनुसाई। साखा तें साखा पर जाई।।
मूल पाठ
साखामृग के बड़ि मनुसाई। साखा तें साखा पर जाई।।
नाघि सिंधु हाटकपुर जारा। निसिचर गन बिधि बिपिन उजारा।
स्रोत अभिलेख 5.33 · पुस्तक पृ. 743, 744
भावार्थ
मूल पाठ के बादबंदरका बस, यही बड़ा पुरुषार्थ है कि वह एक डालसे दूसरी डालपर चला जाता है। मैंने जो समुद्र लाँघकर सोनेका नगर जलाया और राक्षसगणको मारकर अशोकवनको उजाड़ डाला,॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 744 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 साखामृग के बड़ि मनुसाई। साखा तें साखा पर जाई।।
English explanation
What great prowess does a monkey possess? He merely goes from one branch to another.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| साखामृग | शाखाओं पर रहने वाला पशु; वानर | a branch-dwelling animal; monkey |
| के | की; वानर के संबंध में | of; belonging to the monkey |
| बड़ि | बड़ी | great |
| मनुसाई | वीरता; पराक्रम | prowess; valor |
| साखा | शाखा | a branch |
| तें | से | from |
| साखा | दूसरी शाखा | another branch |
| पर | पर | onto |
| जाई | जाता है | goes |
2 नाघि सिंधु हाटकपुर जारा। निसिचर गन बिधि बिपिन उजारा।
English explanation
Crossing the ocean, burning the golden city, and laying waste the grove are mentioned; the supplied ‘बिधि’ leaves the clause concerning the demon hosts uncertain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाघि | लाँघकर | having crossed |
| सिंधु | समुद्र | the ocean |
| हाटकपुर | सोने की नगरी लंका | the golden city, Lanka |
| जारा | जलाया | burned |
| निसिचर | राक्षस | demons; night-roamers |
| गन | समूह | hosts; groups |
| बिधि | मारकर; राक्षसों के समूह का वध करके। | Having slain the host of demons. |
| बिपिन | वन; उपवन | forest; grove |
| उजारा | उजाड़ा | laid waste |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.33
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 744
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 743, 744
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।