सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहु कपि रावन पालित लंका। केहि बिधि दहेउ दुर्ग अति बंका।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे हनुमान्! बताओ तो, रावणके द्वारा सुरक्षित लङ्का और उसके बड़े बाँके किलेको तुमने किस तरह जलाया? हनुमान्जीने प्रभुको प्रसन्न जाना और वे अभिमानरहित वचन बोले—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 743 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कहु कपि रावन पालित लंका। केहि बिधि दहेउ दुर्ग अति बंका।।
प्रभु प्रसन्न जाना हनुमाना। बोला बचन बिगत अभिमाना।।
स्रोत अभिलेख 5.33 · पुस्तक पृ. 743, 744
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कहु कपि रावन पालित लंका। केहि बिधि दहेउ दुर्ग अति बंका।।
English explanation
Tell me, Hanuman: how did you burn Lanka, that formidable fortress guarded by Ravana?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहु | बताओ | tell me |
| कपि | हे वानर हनुमान | O Hanuman |
| रावन | रावण द्वारा | by Ravana |
| पालित | रक्षित; सँभाली हुई | guarded; maintained |
| लंका | लंका नगरी | the city of Lanka |
| केहि | किस | what |
| बिधि | रीति से | by means; manner |
| दहेउ | तुमने जलाया | did you burn |
| दुर्ग | किला | fortress |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| बंका | दुर्जेय; विकट | formidable; hard to overcome |
2 प्रभु प्रसन्न जाना हनुमाना। बोला बचन बिगत अभिमाना।।
English explanation
Hanuman understood that the Lord was pleased and spoke words free of pride.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम को | Lord Rama |
| प्रसन्न | प्रसन्न | pleased |
| जाना | समझा; जाना | recognized; understood |
| हनुमाना | हनुमान ने | Hanuman |
| बोला | बोले | spoke |
| बचन | वचन | words |
| बिगत | रहित; दूर हुआ | free of; departed |
| अभिमाना | अहंकार | pride |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.33
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 743
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 743, 744
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।