सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सचिव संग लै नभ पथ गयऊ। सबहि सुनाइ कहत अस भयऊ।।
मूल पाठ
सचिव संग लै नभ पथ गयऊ। सबहि सुनाइ कहत अस भयऊ।।
स्रोत अभिलेख 5.41 · पुस्तक पृ. 751, 752
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[इतना कहकर] विभीषण अपने मन्त्रियोंको साथ लेकर आकाशमार्गमें गये और सबको सुनाकर वे ऐसा कहने लगे—॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 752 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सचिव संग लै नभ पथ गयऊ। सबहि सुनाइ कहत अस भयऊ।।
English explanation
Taking his ministers with him, Vibhishana departed by the sky route and began speaking thus for everyone to hear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सचिव | मंत्रियों को | the ministers |
| संग | साथ | along |
| लै | लेकर | taking |
| नभ | आकाश | sky |
| पथ | मार्ग से | by the route |
| गयऊ | चले गए | departed |
| सबहि | सबको | to everyone |
| सुनाइ | सुनाकर; सुनने योग्य करके | making it heard |
| कहत | कहने लगे | speaking; began to say |
| अस | इस प्रकार | thus |
| भयऊ | हुए; लगे | became; began |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.41
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 752
- सहायक विषय
- रावणको विभीषणका समझाना और विभीषणका अपमान
- मुद्रित पृष्ठ
- 751, 752
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।