सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सखा कही तुम्ह नीकि उपाई। करिअ दैव जौं होइ सहाई।।
मूल पाठ
सखा कही तुम्ह नीकि उपाई। करिअ दैव जौं होइ सहाई।।
मंत्र न यह लछिमन मन भावा। राम बचन सुनि अति दुख पावा।।
स्रोत अभिलेख 5.51 · पुस्तक पृ. 760, 760
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[श्रीरामजीने कहा—] हे सखा! तुमने अच्छा उपाय बताया। यही किया जाय, यदि दैव सहायक हों। यह सलाह लक्ष्मणजीके मनको अच्छी नहीं लगी। श्रीरामजीके वचन सुनकर तो उन्होंने बहुत ही दु:ख पाया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 760 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सखा कही तुम्ह नीकि उपाई। करिअ दैव जौं होइ सहाई।।
English explanation
AI draft: Friend, you have suggested a good course. Let us carry it out if providence is favorable.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सखा | हे मित्र | O friend |
| कही | कहा; बताया | said; suggested |
| तुम्ह | तुमने | you |
| नीकि | अच्छी | good |
| उपाई | युक्ति; उपाय | plan; course of action |
| करिअ | किया जाए | let it be done |
| दैव | दैव; भाग्य | providence; fate |
| जौं | यदि | if |
| होइ | हो | is; becomes |
| सहाई | सहायक | favorable; helpful |
2 मंत्र न यह लछिमन मन भावा। राम बचन सुनि अति दुख पावा।।
English explanation
This counsel did not please Lakshmana. Hearing Rama’s words, he felt deeply distressed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंत्र | सलाह | counsel |
| न | नहीं | not |
| यह | यह | this |
| लछिमन | लक्ष्मण के | Lakshmana’s; Rama’s younger brother’s |
| मन | मन को | to the mind |
| भावा | अच्छा लगा | pleased |
| राम | राम के | Rama’s |
| बचन | वचन | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| अति | बहुत | great; very |
| दुख | दुःख | distress |
| पावा | पाया; अनुभव किया | felt; experienced |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.51
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 760
- सहायक विषय
- समुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुकका आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 760, 760
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।