सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
श्रवन सुनी सठ ता करि बानी। बिहसा जगत बिदित अभिमानी।।
मूल पाठ
श्रवन सुनी सठ ता करि बानी। बिहसा जगत बिदित अभिमानी।।
सभय सुभाउ नारि कर साचा। मंगल महुँ भय मन अति काचा।।
स्रोत अभिलेख 5.37 · पुस्तक पृ. 748, 748
भावार्थ
मूल पाठ के बादमूर्ख और जगत्प्रसिद्ध अभिमानी रावण कानोंसे उसकी वाणी सुनकर खूब हँसा [और बोला—] स्त्रियोंका स्वभाव सचमुच ही बहुत डरपोक होता है। मङ्गलमें भी भय करती हो! तुम्हारा मन (हृदय) बहुत ही कच्चा (कमजोर) है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 748 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 श्रवन सुनी सठ ता करि बानी। बिहसा जगत बिदित अभिमानी।।
English explanation
AI draft: Hearing her words, the foolish Ravana, whose arrogance was known throughout the world, laughed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| श्रवन | कानों से | with his ears |
| सुनी | सुनी; सुनकर | heard; having heard |
| सठ | मूर्ख रावण | the foolish Ravana |
| ता | उसकी, मंदोदरी की | her; Mandodari’s |
| करि | की | possessive marker |
| बानी | बात | words |
| बिहसा | हँस पड़ा | laughed |
| जगत | संसार में | throughout the world |
| बिदित | प्रसिद्ध | well-known |
| अभिमानी | अभिमानी | arrogant |
2 सभय सुभाउ नारि कर साचा। मंगल महुँ भय मन अति काचा।।
English explanation
Ravana said: A woman’s nature is indeed fearful; even amid good fortune she feels afraid, and her mind is very weak.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सभय | भययुक्त | fearful |
| सुभाउ | स्वभाव | nature |
| नारि | स्त्री | woman |
| कर | का | of |
| साचा | सचमुच ऐसा | truly so |
| मंगल | शुभ अवसर | good fortune |
| महुँ | में भी | even amid |
| भय | डर | fear |
| मन | मन | mind |
| अति | बहुत | very |
| काचा | दुर्बल, अपरिपक्व | weak, immature |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.37
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 748
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 748, 748
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।