सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लछिमन बान सरासन आनू। सोषौं बारिधि बिसिख कृसानू।।
मूल पाठ
लछिमन बान सरासन आनू। सोषौं बारिधि बिसिख कृसानू।।
सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीती। सहज कृपन सन सुंदर नीती।।
स्रोत अभिलेख 5.58 · पुस्तक पृ. 766, 767
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे लक्ष्मण! धनुष-बाण लाओ, मैं अग्रिबाणसे समुद्रको सोख डालूँ। मूर्खसे विनय, कुटिलके साथ प्रीति, स्वाभाविक ही कंजूससे सुन्दर नीति (उदारताका उपदेश),॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 766 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लछिमन बान सरासन आनू। सोषौं बारिधि बिसिख कृसानू।।
English explanation
Lakshmana, bring the arrows and bow. I shall dry up the ocean with the fire of an arrow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लछिमन | हे लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | O Lakshmana, Rama’s younger brother |
| बान | बाण | arrows |
| सरासन | धनुष | bow |
| आनू | लाओ | bring |
| सोषौं | मैं सुखा दूँगा | I shall dry up |
| बारिधि | समुद्र को | the ocean |
| बिसिख | बाण की | of the arrow |
| कृसानू | अग्नि से | with fire |
2 सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीती। सहज कृपन सन सुंदर नीती।।
English explanation
Entreating a fool, loving a deceitful person, and explaining sound conduct to someone miserly by nature are fruitless.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सठ | मूर्ख | a fool |
| सन | से | to |
| बिनय | विनती करना | making an entreaty |
| कुटिल | कुटिल व्यक्ति | a deceitful person |
| सन | से | toward |
| प्रीती | प्रेम करना | showing love |
| सहज | स्वभाव से | by nature |
| कृपन | कंजूस व्यक्ति | a miser |
| सन | को | to |
| सुंदर | अच्छी | sound |
| नीती | नीति की शिक्षा | teaching of right conduct |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.58
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 766
- सहायक विषय
- समुद्रपर श्रीरामजीका क्रोध और समुद्रकी विनती
- मुद्रित पृष्ठ
- 766, 767
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