सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रावन दूत हमहि सुनि काना। कपिन्ह बाँधि दीन्हे दुख नाना।।
मूल पाठ
रावन दूत हमहि सुनि काना। कपिन्ह बाँधि दीन्हे दुख नाना।।
श्रवन नासिका काटै लागे। राम सपथ दीन्हे हम त्यागे।।
स्रोत अभिलेख 5.54 · पुस्तक पृ. 762, 763
भावार्थ
मूल पाठ के बादहम रावणके दूत हैं, यह कानोंसे सुनकर वानरोंने हमें बाँधकर बहुत कष्ट दिये, यहाँतक कि वे हमारे नाक-कान काटने लगे। श्रीरामजीकी शपथ दिलानेपर कहीं उन्होंने हमको छोड़ा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 762 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रावन दूत हमहि सुनि काना। कपिन्ह बाँधि दीन्हे दुख नाना।।
English explanation
On hearing that we were Ravana’s messengers, the monkeys bound us and inflicted many sufferings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रावन | लंका के राजा रावण के | of Ravana, king of Lanka |
| दूत | संदेशवाहक | messengers |
| हमहि | हमें | us |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| काना | कानों से | with their ears |
| कपिन्ह | वानरों ने | the monkeys |
| बाँधि | बाँधकर | having bound |
| दीन्हे | दिए | inflicted |
| दुख | कष्ट | sufferings |
| नाना | अनेक प्रकार के | of many kinds |
2 श्रवन नासिका काटै लागे। राम सपथ दीन्हे हम त्यागे।।
English explanation
They began to cut off our ears and noses; when we invoked an oath by Rama, they released us.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| श्रवन | कान | ears |
| नासिका | नाक | noses |
| काटै | काटने | to cut off |
| लागे | लगे | began |
| राम | श्रीराम की | by Rama |
| सपथ | शपथ | oath |
| दीन्हे | दिलाने पर | upon invoking |
| हम | हमें | us |
| त्यागे | छोड़ दिया | released |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.54
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 762
- सहायक विषय
- दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना
- मुद्रित पृष्ठ
- 762, 763
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।