सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पूँछिहु नाथ राम कटकाई। बदन कोटि सत बरनि न जाई।।
मूल पाठ
पूँछिहु नाथ राम कटकाई। बदन कोटि सत बरनि न जाई।।
नाना बरन भालु कपि धारी। बिकटानन बिसाल भयकारी।।
स्रोत अभिलेख 5.54 · पुस्तक पृ. 762, 763
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे नाथ! आपने श्रीरामजीकी सेना पूछी; सो वह तो सौ करोड़ मुखोंसे भी वर्णन नहीं की जा सकती। अनेकों रंगोंके भालु और वानरोंकी सेना है, जो भयंकर मुखवाले, विशाल शरीरवाले और भयानक हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 763 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पूँछिहु नाथ राम कटकाई। बदन कोटि सत बरनि न जाई।।
English explanation
My lord, you have asked about Rama’s army; even a billion mouths could not describe it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूँछिहु | आपने पूछा | you have asked |
| नाथ | हे स्वामी | my lord |
| राम | श्रीराम की | Rama’s |
| कटकाई | सेना | army |
| बदन | मुखों से | with mouths |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| सत | सौ | a hundred |
| बरनि | वर्णन करके | described |
| न | नहीं | not |
| जाई | किया जा सकता | can be |
2 नाना बरन भालु कपि धारी। बिकटानन बिसाल भयकारी।।
English explanation
The bears and monkeys have forms of many colors; they are fierce-faced, immense, and fearsome.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाना | अनेक प्रकार के | of many kinds |
| बरन | रंग | colors |
| भालु | भालू | bears |
| कपि | वानर | monkeys |
| धारी | धारण किए हुए | bearing |
| बिकटानन | विकराल मुख वाले | fierce-faced |
| बिसाल | विशाल | immense |
| भयकारी | भय उत्पन्न करने वाले | inspiring fear |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.54
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 763
- सहायक विषय
- दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना
- मुद्रित पृष्ठ
- 762, 763
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।