सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम नाम बिनु गिरा न सोहा। देखु बिचारि त्यागि मद मोहा।।
मूल पाठ
राम नाम बिनु गिरा न सोहा। देखु बिचारि त्यागि मद मोहा।।
बसन हीन नहिं सोह सुरारी। सब भूषण भूषित बर नारी।।
स्रोत अभिलेख 5.23 · पुस्तक पृ. 735, 735
भावार्थ
मूल पाठ के बादरामनामके बिना वाणी शोभा नहीं पाती, मद-मोहको छोड़, विचारकर देखो। हे देवताओंके शत्रु! सब गहनोंसे सजी हुई सुन्दरी स्त्री भी कपड़ोंके बिना (नंगी) शोभा नहीं पाती॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 735 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम नाम बिनु गिरा न सोहा। देखु बिचारि त्यागि मद मोहा।।
English explanation
Speech has no beauty without Rama’s name. Give up pride and delusion, and consider this carefully.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम का | of Lord Rama |
| नाम | नाम | name |
| बिनु | बिना | without |
| गिरा | वाणी | speech |
| न | नहीं | not |
| सोहा | शोभा पाती | has beauty |
| देखु | देखो, समझो | see, recognize |
| बिचारि | विचार करके | after considering |
| त्यागि | छोड़कर | having abandoned |
| मद | अहंकार | pride |
| मोहा | मोह | delusion |
2 बसन हीन नहिं सोह सुरारी। सब भूषण भूषित बर नारी।।
English explanation
O Ravana, enemy of the gods, even a beautiful woman adorned with every ornament has no beauty without clothing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बसन | वस्त्र | clothing |
| हीन | रहित | without |
| नहिं | नहीं | not |
| सोह | शोभा पाती | looks beautiful |
| सुरारी | हे देवताओं के शत्रु रावण | O Ravana, enemy of the gods |
| सब | सभी | all |
| भूषण | आभूषणों से | with ornaments |
| भूषित | सजी हुई | adorned |
| बर | सुंदर | beautiful |
| नारी | स्त्री | woman |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.23
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 735
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 735, 735
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।