सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम चरन पंकज उर धरहू। लंका अचल राज तुम्ह करहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतुम श्रीरामजीके चरणकमलोंको हृदयमें धारण करो और लङ्काका अचल राज्य करो। ऋषि पुलस्त्यजीका यश निर्मल चन्द्रमाके समान है। उस चन्द्रमामें तुम कलंक न बनो॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 735 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
राम चरन पंकज उर धरहू। लंका अचल राज तुम्ह करहू।।
रिषि पुलिस्त जसु बिमल मंयका। तेहि ससि महुँ जनि होहु कलंका।।
स्रोत अभिलेख 5.23 · पुस्तक पृ. 735, 735
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम चरन पंकज उर धरहू। लंका अचल राज तुम्ह करहू।।
English explanation
AI-generated draft meaning: Hold Rama’s lotus feet in your heart, and rule Lanka with lasting stability.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम के | of Lord Rama |
| चरन | चरण | feet |
| पंकज | कमल | lotuses |
| उर | हृदय में | in your heart |
| धरहू | धारण करो | hold |
| लंका | लंका में | in Lanka |
| अचल | स्थिर, अडिग | stable, enduring |
| राज | राज्य | rule |
| तुम्ह | तुम | you |
| करहू | करो | exercise |
2 रिषि पुलिस्त जसु बिमल मंयका। तेहि ससि महुँ जनि होहु कलंका।।
English explanation
Sage Pulastya’s renown is like a spotless moon; do not become a blemish upon that moon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रिषि | ऋषि | sage |
| पुलिस्त | पुलस्त्य, रावण के पितामह | Pulastya, Ravana’s grandfather |
| जसु | यश | renown |
| बिमल | निर्मल | spotless |
| मंयका | चंद्रमा | moon |
| तेहि | उस | that |
| ससि | चंद्रमा | moon |
| महुँ | में | in |
| जनि | मत | do not |
| होहु | बनो | become |
| कलंका | कलंक | a blemish |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.23
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 735
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 735, 735
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।