सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मोरें हृदय परम संदेहा। सुनि कपि प्रगट कीन्ह निज देहा।।
मूल पाठ
मोरें हृदय परम संदेहा। सुनि कपि प्रगट कीन्ह निज देहा।।
कनक भूधराकार सरीरा। समर भयंकर अतिबल बीरा।।
स्रोत अभिलेख 5.16 · पुस्तक पृ. 729, 729
भावार्थ
मूल पाठ के बादअत: मेरे हृदयमें बड़ा भारी सन्देह होता है [कि तुम-जैसे बंदर राक्षसोंको कैसे जीतेंगे!] यह सुनकर हनुमान्जीने अपना शरीर प्रकट किया। सोनेके पर्वत (सुमेरु) के आकारका (अत्यन्त विशाल) शरीर था, जो युद्धमें शत्रुओंके हृदयमें भय उत्पन्न करनेवाला, अत्यन्त बलवान् और वीर था॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 729 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मोरें हृदय परम संदेहा। सुनि कपि प्रगट कीन्ह निज देहा।।
English explanation
There is great doubt in my heart. Hearing this, Hanuman revealed his own bodily form.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोरें | मेरे | my |
| हृदय | हृदय में | in the heart |
| परम | बहुत बड़ा | very great |
| संदेहा | संदेह | doubt |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| कपि | वानर हनुमान ने | Hanuman, the monkey |
| प्रगट | प्रकट | manifest; visible |
| कीन्ह | किया | made |
| निज | अपना | his own |
| देहा | शरीर | body |
2 कनक भूधराकार सरीरा। समर भयंकर अतिबल बीरा।।
English explanation
His body was like a golden mountain; he was a fearsome warrior in battle, immensely strong.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कनक | सोने का; स्वर्णमय | golden |
| भूधराकार | पर्वत के आकार का | mountain-shaped |
| सरीरा | शरीर | body |
| समर | युद्ध में | in battle |
| भयंकर | भय उत्पन्न करने वाले | fearsome |
| अतिबल | अत्यंत बलवान | immensely strong |
| बीरा | वीर योद्धा | heroic warrior |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.16
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 729
- सहायक विषय
- श्रीसीता-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 729, 729
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।