सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मारे निसिचर केहिं अपराधा। कहु सठ तोहि न प्रान कइ बाधा।।
मूल पाठ
मारे निसिचर केहिं अपराधा। कहु सठ तोहि न प्रान कइ बाधा।।
सुन रावन ब्रह्मांड निकाया। पाइ जासु बल बिरचित माया।।
स्रोत अभिलेख 5.21 · पुस्तक पृ. 733, 734
भावार्थ
मूल पाठ के बादतूने किस अपराधसे राक्षसोंको मारा? रे मूर्ख! बता, क्या तुझे प्राण जानेका भय नहीं है? [हनुमान्जीने कहा—] हे रावण! सुन; जिनका बल पाकर माया सम्पूर्ण ब्रह्माण्डोंके समूहोंकी रचना करती है;॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 733 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मारे निसिचर केहिं अपराधा। कहु सठ तोहि न प्रान कइ बाधा।।
English explanation
For what offense did you kill the demons? Speak, fool: do you have no concern for your life?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारे | तूने मारे | you killed |
| निसिचर | राक्षसों को | the demons |
| केहिं | किस | for what |
| अपराधा | अपराध के कारण | offense |
| कहु | बोल | speak |
| सठ | हे मूर्ख | O fool |
| तोहि | तुझे | to you |
| न | नहीं | no |
| प्रान | प्राणों | your life |
| कइ | की | for |
| बाधा | चिंता; भय | concern; fear |
2 सुन रावन ब्रह्मांड निकाया। पाइ जासु बल बिरचित माया।।
English explanation
Listen, Ravana! He whose power enables Maya to fashion the multitude of universes—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुन | सुन | listen |
| रावन | हे रावण, लंका के राजा | O Ravana, king of Lanka |
| ब्रह्मांड | ब्रह्मांडों का | of universes |
| निकाया | समूह | multitude |
| पाइ | पाकर | having obtained |
| जासु | जिसकी | whose |
| बल | शक्ति | power |
| बिरचित | रचा है | has fashioned |
| माया | माया; सृष्टि रचने वाली शक्ति | Maya, the world-fashioning power |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 733
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 733, 734
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