सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कह लंकेस कवन तैं कीसा। केहिं के बल घालेहि बन खीसा।।
मूल पाठ
कह लंकेस कवन तैं कीसा। केहिं के बल घालेहि बन खीसा।।
की धौं श्रवन सुनेहि नहिं मोही। देखउँ अति असंक सठ तोही।।
स्रोत अभिलेख 5.21 · पुस्तक पृ. 733, 734
भावार्थ
मूल पाठ के बादलङ्कापति रावणने कहा—रे वानर! तू कौन है? किसके बलपर तूने वनको उजाड़कर नष्ट कर डाला? क्या तूने कभी मुझे (मेरा नाम और यश) कानोंसे नहीं सुना? रे शठ! मैं तुझे अत्यन्त नि:शङ्क देख रहा हूँ॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 733 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कह लंकेस कवन तैं कीसा। केहिं के बल घालेहि बन खीसा।।
English explanation
AI draft: The king of Lanka said, “Who are you, monkey? By whose strength have you laid waste the grove?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहा | said |
| लंकेस | लंका के राजा रावण | Ravana, king of Lanka |
| कवन | कौन | who |
| तैं | तू | you |
| कीसा | हे वानर | O monkey |
| केहिं | किस | whose |
| के | के | of |
| बल | बल पर | by the strength |
| घालेहि | तूने कर डाला | you have made |
| बन | वन; अशोक वाटिका | the grove; Ashoka garden |
| खीसा | उजड़ा हुआ | laid waste |
2 की धौं श्रवन सुनेहि नहिं मोही। देखउँ अति असंक सठ तोही।।
English explanation
Have you not heard of me with your own ears? Fool, I see that you are utterly fearless.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| की | क्या | have you |
| धौं | भला | indeed |
| श्रवन | कानों से | with your ears |
| सुनेहि | तूने सुना | you have heard |
| नहिं | नहीं | not |
| मोही | मेरे बारे में | of me |
| देखउँ | मैं देखता हूँ | I see |
| अति | बहुत | very |
| असंक | निडर; आशंकारहित | fearless; without apprehension |
| सठ | हे मूर्ख | O fool |
| तोही | तुझे | you |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 733
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 733, 734
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।