सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जाकें बल बिरंचि हरि ईसा। पालत सृजत हरत दससीसा।
मूल पाठ
जाकें बल बिरंचि हरि ईसा। पालत सृजत हरत दससीसा।
जा बल सीस धरत सहसानन। अंडकोस समेत गिरि कानन।।
स्रोत अभिलेख 5.21 · पुस्तक पृ. 733, 734
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिनके बलसे हे दशशीश! ब्रह्मा, विष्णु, महेश (क्रमश:) सृष्टिका सृजन, पालन और संहार करते हैं; जिनके बलसे सहस्रमुख (फणों) वाले शेषजी पर्वत और वनसहित समस्त ब्रह्माण्डको सिरपर धारण करते हैं;॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 733 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जाकें बल बिरंचि हरि ईसा। पालत सृजत हरत दससीसा।
English explanation
O ten-headed Ravana, by whose power Brahma creates, Vishnu sustains, and Shiva dissolves—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाकें | जिसके | whose |
| बल | बल से | by the power |
| बिरंचि | ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता | Brahma, the creator |
| हरि | विष्णु, पालनकर्ता | Vishnu, the sustainer |
| ईसा | शिव, संहारकर्ता | Shiva, the dissolver |
| पालत | पालन करते हैं | sustain |
| सृजत | सृजन करते हैं | create |
| हरत | संहार करते हैं | dissolve |
| दससीसा | हे दस सिर वाले रावण | O ten-headed Ravana |
2 जा बल सीस धरत सहसानन। अंडकोस समेत गिरि कानन।।
English explanation
By whose power the thousand-headed Shesha bears the universe upon his heads, together with its mountains and forests—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जा | जिसके | whose |
| बल | बल से | by the power |
| सीस | सिर पर | upon his heads |
| धरत | धारण करते हैं | bears |
| सहसानन | सहस्रमुख शेषनाग | Shesha, the thousand-headed serpent |
| अंडकोस | ब्रह्मांड | the cosmic sphere; universe |
| समेत | सहित | together with |
| गिरि | पर्वत | mountains |
| कानन | वन | forests |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 733
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 733, 734
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