सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ब्रह्मबान कपि कहुँ तेहि मारा। परतिहुँ बार कटकु संघारा।।
मूल पाठ
ब्रह्मबान कपि कहुँ तेहि मारा। परतिहुँ बार कटकु संघारा।।
तेहि देखा कपि मुरुछित भयऊ। नागपास बाँधेसि लै गयऊ।।
स्रोत अभिलेख 5.2 · पुस्तक पृ. 732, 733
भावार्थ
मूल पाठ के बादउसने हनुमान्जीको ब्रह्मबाण मारा, [जिसके लगते ही वे वृक्षसे नीचे गिर पड़े] परन्तु गिरते समय भी उन्होंने बहुत-सी सेना मार डाली। जब उसने देखा कि हनुमान्जी मूर्छित हो गये हैं, तब वह उनको नागपाशसे बाँधकर ले गया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 732 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 ब्रह्मबान कपि कहुँ तेहि मारा। परतिहुँ बार कटकु संघारा।।
English explanation
He shot the Brahma weapon at Hanuman. Even while falling, Hanuman destroyed the army.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्रह्मबान | ब्रह्मा का अस्त्ररूपी बाण | Brahma’s missile |
| कपि | वानर हनुमान | Hanuman, the monkey hero |
| कहुँ | को; यहाँ निशाना बनाकर | at; marking the target |
| तेहि | उसने, मेघनाद ने | he, Meghanada |
| मारा | चलाया | shot |
| परतिहुँ | गिरते हुए भी | even while falling |
| बार | समय | at the time |
| कटकु | सेना | the army |
| संघारा | संहार कर दिया | destroyed |
2 तेहि देखा कपि मुरुछित भयऊ। नागपास बाँधेसि लै गयऊ।।
English explanation
Meghanada saw that Hanuman had become unconscious; he bound him with the serpent noose and took him away.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उसने, मेघनाद ने | he, Meghanada |
| देखा | देखा | saw |
| कपि | हनुमान | Hanuman |
| मुरुछित | मूर्च्छित; बेहोश | unconscious |
| भयऊ | हो गए | became |
| नागपास | सर्परूपी पाश से | with a serpent noose |
| बाँधेसि | उसने बाँधा | he bound him |
| लै | लेकर | taking him |
| गयऊ | चला गया | went away |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 732
- सहायक विषय
- हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 732, 733
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।