सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बुध पुरान श्रुति संमत बानी। कही बिभीषन नीति बखानी।।
मूल पाठ
बुध पुरान श्रुति संमत बानी। कही बिभीषन नीति बखानी।।
सुनत दसानन उठा रिसाई। खल तोहि निकट मुत्यु अब आई।।
स्रोत अभिलेख 5.41 · पुस्तक पृ. 751, 752
भावार्थ
मूल पाठ के बादविभीषणने पण्डितों, पुराणों और वेदोंद्वारा सम्मत (अनुमोदित) वाणीसे नीति बखानकर कही। पर उसे सुनते ही रावण क्रोधित होकर उठा और बोला कि रे दुष्ट! अब मृत्यु तेरे निकट आ गयी है!॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 751 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बुध पुरान श्रुति संमत बानी। कही बिभीषन नीति बखानी।।
English explanation
AI draft: Explaining right conduct, Vibhishana spoke words approved by the wise, the Puranas, and the Vedas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बुध | ज्ञानी जन | the wise |
| पुरान | पुराण | the Puranas |
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| संमत | के अनुकूल; द्वारा अनुमोदित | approved by; consistent with |
| बानी | वाणी | words; speech |
| कही | कही | spoke |
| बिभीषन | विभीषण ने, रावण के छोटे भाई ने | Vibhishana, Ravana’s younger brother |
| नीति | उचित आचरण और विवेक की नीति | principles of wise and proper conduct |
| बखानी | समझाकर | having explained |
2 सुनत दसानन उठा रिसाई। खल तोहि निकट मुत्यु अब आई।।
English explanation
On hearing this, Ravana rose in anger: ‘Wretch! Your death has now drawn near.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| दसानन | दस मुखों वाला रावण | Ravana, the ten-headed king |
| उठा | उठ खड़ा हुआ | rose |
| रिसाई | क्रोधित होकर | in anger |
| खल | हे दुष्ट | you wretch |
| तोहि | तेरे; तेरे लिए | your; for you |
| निकट | पास | near |
| मुत्यु | मृत्यु | death |
| अब | अब | now |
| आई | आ गई है | has come |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.41
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 751
- सहायक विषय
- रावणको विभीषणका समझाना और विभीषणका अपमान
- मुद्रित पृष्ठ
- 751, 752
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।