सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिहसि दसानन पूँछी बाता। कहसि न सुक आपनि कुसलाता।।
मूल पाठ
बिहसि दसानन पूँछी बाता। कहसि न सुक आपनि कुसलाता।।
पुनि कहु खबरि बिभीषन केरी। जाहि मृत्यु आई अति नेरी।।
स्रोत अभिलेख 5.53 · पुस्तक पृ. 761, 762
भावार्थ
मूल पाठ के बाददशमुख रावणने हँसकर बात पूछी—अरे शुक! अपनी कुशल क्यों नहीं कहता? फिर उस विभीषणका समाचार सुना, मृत्यु जिसके अत्यन्त निकट आ गयी है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 762 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बिहसि दसानन पूँछी बाता। कहसि न सुक आपनि कुसलाता।।
English explanation
Ravana laughed and asked, “Shuka, do tell me how you are.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिहसि | हँसकर | having laughed |
| दसानन | दस मुखों वाला रावण | ten-headed Ravana |
| पूँछी | पूछी | asked |
| बाता | बात | the matter |
| कहसि | तुम बताओ | you tell me |
| न | न; आग्रह का शब्द | do; an urging particle |
| सुक | हे शुक, रावण के दूत | O Shuka, Ravana’s messenger |
| आपनि | अपनी | your own |
| कुसलाता | कुशल-क्षेम | well-being |
2 पुनि कहु खबरि बिभीषन केरी। जाहि मृत्यु आई अति नेरी।।
English explanation
“Then tell me about Vibhishana, whose death has drawn very near.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| कहु | बताओ | tell me |
| खबरि | समाचार | news |
| बिभीषन | विभीषण | Vibhishana, Ravana’s brother |
| केरी | का | of |
| जाहि | जिसकी; जिसके पास | whose; to whom |
| मृत्यु | मृत्यु | death |
| आई | आ गई है | has come |
| अति | बहुत | very |
| नेरी | निकट | near |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.53
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 762
- सहायक विषय
- समुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुकका आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 761, 762
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।