सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बहु प्रकार मारन कपि लागे। दीन पुकारत तदपि न त्यागे।।
मूल पाठ
बहु प्रकार मारन कपि लागे। दीन पुकारत तदपि न त्यागे।।
जो हमार हर नासा काना। तेहि कोसलाधीस कै आना।।
स्रोत अभिलेख 5.52 · पुस्तक पृ. 761, 761
भावार्थ
मूल पाठ के बादवानर उन्हें बहुत तरहसे मारने लगे। वे दीन होकर पुकारते थे, फिर भी वानरोंने उन्हें नहीं छोड़ा। [तब दूतोंने पुकारकर कहा—] जो हमारे नाक-कान काटेगा, उसे कोसलाधीश श्रीरामजीकी सौगंध है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 761 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बहु प्रकार मारन कपि लागे। दीन पुकारत तदपि न त्यागे।।
English explanation
The monkeys began beating them in many ways. They cried out pitiably, yet the monkeys did not let them go.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहु | अनेक | many |
| प्रकार | ढंग से | ways |
| मारन | मारने | beating |
| कपि | वानर | the monkeys |
| लागे | लगे | began |
| दीन | दीन होकर | pitiably; helplessly |
| पुकारत | पुकारते रहे | kept crying out |
| तदपि | फिर भी | nevertheless |
| न | नहीं | not |
| त्यागे | छोड़ा | let them go |
2 जो हमार हर नासा काना। तेहि कोसलाधीस कै आना।।
English explanation
The messengers said, ‘Against anyone who cuts off our noses and ears, we invoke Rama, the lord of Kosala.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो कोई | whoever |
| हमार | हमारे | our |
| हर | छीन ले; काट दे | takes away; cuts off |
| नासा | नाक | noses |
| काना | कान | ears |
| तेहि | उसको | against that person |
| कोसलाधीस | कोसल के स्वामी राम | Rama, lord of Kosala |
| कै | की | of |
| आना | दुहाई; शपथ का बंधन | a solemn appeal invoking his authority |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.52
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 761
- सहायक विषय
- समुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुकका आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 761, 761
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।