सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बरु भल बास नरक कर ताता। दुष्ट संग जनि देइ बिधाता।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे तात! नरकमें रहना वरं अच्छा है, परन्तु विधाता दुष्टका संग [कभी] न दे। [विभीषणजीने कहा—] हे रघुनाथजी! अब आपके चरणोंका दर्शन कर कुशलसे हूँ, जो आपने अपना सेवक जानकर मुझपर दया की है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 756 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बरु भल बास नरक कर ताता। दुष्ट संग जनि देइ बिधाता।।
अब पद देखि कुसल रघुराया। जौं तुम्ह कीन्ह जानि जन दाया।।
स्रोत अभिलेख 5.46 · पुस्तक पृ. 755, 756
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बरु भल बास नरक कर ताता। दुष्ट संग जनि देइ बिधाता।।
English explanation
Dear one, even dwelling in hell is preferable; may the Creator never give one the company of the wicked.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरु | बल्कि, उससे तो | rather, in preference |
| भल | अच्छा | better |
| बास | निवास | dwelling |
| नरक | नरक | hell |
| कर | का | of |
| ताता | हे प्रिय | dear one |
| दुष्ट | दुष्टों का | of the wicked |
| संग | संग | company |
| जनि | न | never |
| देइ | दें | may give |
| बिधाता | विधाता, सृष्टिकर्ता | the Creator |
2 अब पद देखि कुसल रघुराया। जौं तुम्ह कीन्ह जानि जन दाया।।
English explanation
O Rama, lord of Raghu’s line, I am now well upon seeing your feet, since you have shown mercy to me, recognizing me as your servant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| पद | आपके चरण | your feet |
| देखि | देखकर | having seen |
| कुसल | कुशल हूँ | I am well |
| रघुराया | हे रघुवंश के स्वामी राम | O Rama, lord of Raghu’s line |
| जौं | जो, क्योंकि | since |
| तुम्ह | आपने | you |
| कीन्ह | की | showed |
| जानि | जानकर | recognizing me as |
| जन | अपना सेवक | your servant |
| दाया | दया | mercy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.46
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 756
- सहायक विषय
- विभीषणका भगवान् श्रीरामजीकी शरणके लिये प्रस्थान और शरणप्राप्ति
- मुद्रित पृष्ठ
- 755, 756
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।