सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बचन सुनत कपि मन मुसुकाना। भइ सहाय सारद मैं जाना।।
मूल पाठ
बचन सुनत कपि मन मुसुकाना। भइ सहाय सारद मैं जाना।।
जातुधान सुनि रावन बचना। लागे रचैं मूढ़ सोइ रचना।।
स्रोत अभिलेख 5.25 · पुस्तक पृ. 737, 737
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह वचन सुनते ही हनुमान्जी मनमें मुसकराये [और मन-ही-मन बोले कि] मैं जान गया, सरस्वतीजी [इसे ऐसी बुद्धि देनेमें] सहायक हुई हैं। रावणके वचन सुनकर मूर्ख राक्षस वही (पूँछमें आग लगानेकी) तैयारी करने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 737 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बचन सुनत कपि मन मुसुकाना। भइ सहाय सारद मैं जाना।।
English explanation
Hearing these words, Hanuman smiled inwardly: “I recognize that Saraswati has come to my aid.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बचन | वचन | words |
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| कपि | हनुमान | Hanuman, the monkey hero |
| मन | मन में | inwardly |
| मुसुकाना | मुसकराए | smiled |
| भइ | हो गईं | became |
| सहाय | सहायक | helpful; an ally |
| सारद | सरस्वती, वाणी की देवी | Saraswati, goddess of speech |
| मैं | मैंने | I |
| जाना | जान लिया | recognized |
2 जातुधान सुनि रावन बचना। लागे रचैं मूढ़ सोइ रचना।।
English explanation
Hearing Ravana’s words, the foolish demons began making those very preparations.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जातुधान | राक्षस | demons |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| रावन | रावण के | of Ravana, Lanka’s king |
| बचना | वचन | words |
| लागे | लगे | began |
| रचैं | व्यवस्था करने | to arrange |
| मूढ़ | मूर्ख | foolish |
| सोइ | वही | that very |
| रचना | व्यवस्था, पूँछ जलाने की तैयारी | arrangement for burning the tail |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 737
- सहायक विषय
- लङ्का-दहन
- मुद्रित पृष्ठ
- 737, 737
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।