सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पूँछहीन बानर तहँ जाइहि। तब सठ निज नाथहि लइ आइहि।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजब बिना पूँछका यह बंदर वहाँ (अपने स्वामीके पास) जायगा, तब यह मूर्ख अपने मालिकको साथ ले आयेगा। जिनकी इसने बहुत बड़ाई की है, मैं जरा उनकी प्रभुता (सामथ्र्य) तो देखूँ!॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 737 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पूँछहीन बानर तहँ जाइहि। तब सठ निज नाथहि लइ आइहि।।
जिन्ह कै कीन्हसि बहुत बड़ाई। देखेउँमैं तिन्ह कै प्रभुताई।।
स्रोत अभिलेख 5.25 · पुस्तक पृ. 737, 737
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पूँछहीन बानर तहँ जाइहि। तब सठ निज नाथहि लइ आइहि।।
English explanation
The monkey will go back there without his tail; then this fool will bring his master here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूँछहीन | पूँछ से रहित | without a tail |
| बानर | वानर, यहाँ हनुमान | the monkey, here Hanuman |
| तहँ | वहाँ, अपने स्वामी के पास | there, to his master |
| जाइहि | जाएगा | will go |
| तब | तब | then |
| सठ | मूर्ख | fool |
| निज | अपने | his own |
| नाथहि | स्वामी को | his master |
| लइ | लेकर | taking along |
| आइहि | आएगा | will come |
2 जिन्ह कै कीन्हसि बहुत बड़ाई। देखेउँमैं तिन्ह कै प्रभुताई।।
English explanation
Let me see the power of those whom you have praised so much!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्ह | जिनकी | those whom |
| कै | की | of |
| कीन्हसि | तूने की है | you have made |
| बहुत | बहुत | much |
| बड़ाई | प्रशंसा | praise |
| देखेउँमैं | मैं देखूँ | let me see |
| तिन्ह | उनकी | those persons |
| कै | की | of |
| प्रभुताई | प्रभुता, प्रताप | power and might |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 737
- सहायक विषय
- लङ्का-दहन
- मुद्रित पृष्ठ
- 737, 737
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।