सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि सब कथा बिभीषन कही। जेहि बिधि जनकसुता तहँ रही।।
मूल पाठ
पुनि सब कथा बिभीषन कही। जेहि बिधि जनकसुता तहँ रही।।
तब हनुमंत कहा सुनु भ्राता। देखी चहउँ जानकी माता।।
स्रोत अभिलेख 5.8 · पुस्तक पृ. 721, 722
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर विभीषणजीने, श्रीजानकीजी जिस प्रकार वहाँ (लङ्कामें) रहती थीं, वह सब कथा कही। तब हनुमान्जीने कहा—हे भाई! सुनो, मैं जानकी माताको देखना चाहता हूँ॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 721 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पुनि सब कथा बिभीषन कही। जेहि बिधि जनकसुता तहँ रही।।
English explanation
Then Vibhishana related the whole account of how Sita, Janaka’s daughter, was living there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| सब | सारी | all; the whole |
| कथा | बात; वृत्तांत | account |
| बिभीषन | विभीषण ने; रावण के भाई ने | Vibhishana, Ravana’s brother |
| कही | बताई | related |
| जेहि | जिस | in which |
| बिधि | प्रकार | manner |
| जनकसुता | जनक की पुत्री सीता | Sita, daughter of Janaka |
| तहँ | वहाँ | there |
| रही | रह रही थीं | was living |
2 तब हनुमंत कहा सुनु भ्राता। देखी चहउँ जानकी माता।।
English explanation
Then Hanuman said, ‘Listen, brother; I wish to see Mother Sita.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| हनुमंत | हनुमान ने; राम के सेवक ने | Hanuman, Rama’s servant |
| कहा | कहा | said |
| सुनु | सुनो | listen |
| भ्राता | हे भाई | brother |
| देखी | देखना; दर्शन करना | to see |
| चहउँ | मैं चाहता हूँ | I wish |
| जानकी | सीता; जनक की पुत्री | Sita, Janaka’s daughter |
| माता | माता | mother |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 721
- सहायक विषय
- हनुमान्-विभीषण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 721, 722
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।