सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जुगुति बिभीषन सकल सुनाई। चलेउ पवनसुत बिदा कराई।।
मूल पाठ
जुगुति बिभीषन सकल सुनाई। चलेउ पवनसुत बिदा कराई।।
करि सोइ रूप गयउ पुनि तहवाँ। बन असोक सीता रह जहवाँ।।
स्रोत अभिलेख 5.8 · पुस्तक पृ. 721, 722
भावार्थ
मूल पाठ के बादविभीषणजीने [माताके दर्शनकी] सब युक्तियाँ (उपाय) कह सुनायीं। तब हनुमान्जी विदा लेकर चले। फिर वही (पहलेका मसक-सरीखा) रूप धरकर वहाँ गये, जहाँ अशोकवनमें (वनके जिस भागमें) सीताजी रहती थीं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 721 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जुगुति बिभीषन सकल सुनाई। चलेउ पवनसुत बिदा कराई।।
English explanation
Vibhishana explained the entire plan; then Hanuman took his leave and departed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जुगुति | उपाय; पहुँचने का तरीका | plan; means of reaching her |
| बिभीषन | विभीषण ने | Vibhishana |
| सकल | पूरा; सब | entire; all |
| सुनाई | बताया | explained |
| चलेउ | चल पड़े | departed |
| पवनसुत | पवन के पुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind-god |
| बिदा | विदाई | leave; farewell |
| कराई | लेकर | having taken |
2 करि सोइ रूप गयउ पुनि तहवाँ। बन असोक सीता रह जहवाँ।।
English explanation
Assuming that same small form, Hanuman then went to the Ashoka grove where Sita was staying.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | धारण करके | having assumed |
| सोइ | वही | that same |
| रूप | रूप; यहाँ छोटा रूप | form; here, a small form |
| गयउ | गए | went |
| पुनि | फिर | then; again |
| तहवाँ | वहाँ | there |
| बन | वन; उपवन | grove |
| असोक | अशोक वृक्षों का | of ashoka trees |
| सीता | सीता; राम की पत्नी | Sita, Rama’s wife |
| रह | रहती थीं | was staying |
| जहवाँ | जहाँ | where |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 721
- सहायक विषय
- हनुमान्-विभीषण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 721, 722
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।