सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
परम क्रोध मीजहिं सब हाथा। आयसु पै न देहिं रघुनाथा।।
मूल पाठ
परम क्रोध मीजहिं सब हाथा। आयसु पै न देहिं रघुनाथा।।
सोषहिं सिंधु सहित झष ब्याला। पूरहीं न त भरि कुधर बिसाला।।
स्रोत अभिलेख 5.55 · पुस्तक पृ. 763, 764
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब-के-सब अत्यन्त क्रोधसे हाथ मीजते हैं। पर श्रीरघुनाथजी उन्हें आज्ञा नहीं देते। हम मछलियों और साँपोंसहित समुद्रको सोख लेंगे। नहीं तो, बड़े-बड़े पर्वतोंसे उसे भरकर पूर (पाट) देंगे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 763 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 परम क्रोध मीजहिं सब हाथा। आयसु पै न देहिं रघुनाथा।।
English explanation
They all rub their hands in great anger, but Rama does not give them permission.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परम | अत्यंत | extreme |
| क्रोध | क्रोध में | in anger |
| मीजहिं | मलते हैं | rub |
| सब | सभी | all |
| हाथा | हाथ | their hands |
| आयसु | आज्ञा | permission |
| पै | परंतु | but |
| न | नहीं | not |
| देहिं | देते हैं | give |
| रघुनाथा | रघुकुल के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
2 सोषहिं सिंधु सहित झष ब्याला। पूरहीं न त भरि कुधर बिसाला।।
English explanation
They could dry up the ocean along with its fish and serpents, or fill it in with huge mountains.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोषहिं | सुखा सकते हैं | could dry up |
| सिंधु | समुद्र | the ocean |
| सहित | समेत | along with |
| झष | मछलियाँ | fish |
| ब्याला | सर्प | serpents |
| पूरहीं | पाट सकते हैं | could fill in |
| न | नहीं | not |
| त | तो | then |
| भरि | भरकर | by filling |
| कुधर | पर्वतों से | with mountains |
| बिसाला | विशाल | huge |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.55
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 763
- सहायक विषय
- दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना
- मुद्रित पृष्ठ
- 763, 764
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।