सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाथ नील नल कपि द्वौ भाई। लरिकाई रिषि आसिष पाई।।
मूल पाठ
नाथ नील नल कपि द्वौ भाई। लरिकाई रिषि आसिष पाई।।
तिन्ह के परस किएँ गिरि भारे। तरिहहिं जलधि प्रताप तुम्हारे।।
स्रोत अभिलेख 5.6 · पुस्तक पृ. 768, 769
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[समुद्रने कहा—] हे नाथ! नील और नल दो वानर भाई हैं। उन्होंने लड़कपनमें ऋषिसे आशीर्वाद पाया था। उनके स्पर्श कर लेनेसे ही भारी-भारी पहाड़ भी आपके प्रतापसे समुद्रपर तैर जायँगे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 768 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नाथ नील नल कपि द्वौ भाई। लरिकाई रिषि आसिष पाई।।
English explanation
AI draft: Lord, Nila and Nala are two monkey brothers who received a sage’s blessing in childhood.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी राम | O Lord Rama |
| नील | नील, वानर वीर | Nila, a monkey warrior |
| नल | नल, वानर वीर | Nala, a monkey warrior |
| कपि | वानर | monkeys |
| द्वौ | दो | two |
| भाई | भाई | brothers |
| लरिकाई | बचपन में | in childhood |
| रिषि | ऋषि का | a sage’s |
| आसिष | आशीर्वाद | blessing |
| पाई | प्राप्त किया | received |
2 तिन्ह के परस किएँ गिरि भारे। तरिहहिं जलधि प्रताप तुम्हारे।।
English explanation
When touched by them, even heavy mountains will float on the ocean through your power.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिन्ह | उन दोनों | those two |
| के | के द्वारा | by |
| परस | स्पर्श | touch |
| किएँ | किए जाने पर | upon being made |
| गिरि | पर्वत | mountains |
| भारे | भारी | heavy |
| तरिहहिं | तैरेंगे | will float |
| जलधि | समुद्र में | on the ocean |
| प्रताप | प्रताप से | through the power |
| तुम्हारे | आपके | your |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 768
- सहायक विषय
- समुद्रपर श्रीरामजीका क्रोध और समुद्रकी विनती · श्रीराम-गुणगानकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 768, 769
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।