सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देह बिसाल परम हरुआई। मंदिर तें मंदिर चढ़ धाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्ददेह बड़ी विशाल, परन्तु बहुत ही हलकी (फुर्तीली) है। वे दौड़कर एक महलसे दूसरे महलपर चढ़ जाते हैं। नगर जल रहा है, लोग बेहाल हो गये हैं। आगकी करोड़ों भयंकर लपटें झपट रही हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 737 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
देह बिसाल परम हरुआई। मंदिर तें मंदिर चढ़ धाई।।
जरइ नगर भा लोग बिहाला। झपट लपट बहु कोटि कराला।।
स्रोत अभिलेख 5.26 · पुस्तक पृ. 737, 738
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देह बिसाल परम हरुआई। मंदिर तें मंदिर चढ़ धाई।।
English explanation
Hanuman’s body was enormous, yet he was exceedingly light and agile. He dashed from one building to another, climbing onto them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देह | शरीर | body |
| बिसाल | विशाल | enormous |
| परम | अत्यंत | exceedingly |
| हरुआई | हल्कापन और फुर्ती | lightness and agility |
| मंदिर | एक भवन | one building |
| तें | से | from |
| मंदिर | दूसरे भवन | another building |
| चढ़ | चढ़कर | climbing onto |
| धाई | दौड़े | dashed |
2 जरइ नगर भा लोग बिहाला। झपट लपट बहु कोटि कराला।।
English explanation
The city was burning, and its people became distraught. Countless terrifying flames surged and leapt.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जरइ | जल रहा है | is burning |
| नगर | नगर | city |
| भा | हो गए | became |
| लोग | लोग | people |
| बिहाला | बेहाल, व्याकुल | distraught |
| झपट | झपटती हुई | surging and leaping |
| लपट | ज्वालाएँ | flames |
| बहु | बहुत-सी | many |
| कोटि | करोड़ों | tens of millions |
| कराला | भयानक | terrifying |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 737
- सहायक विषय
- लङ्का-दहन
- मुद्रित पृष्ठ
- 737, 738
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।