सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तात मातु हा सुनिअ पुकारा। एहि अवसर को हमहि उबारा।।
मूल पाठ
तात मातु हा सुनिअ पुकारा। एहि अवसर को हमहि उबारा।।
हम जो कहा यह कपि नहिं होई। बानर रूप धरें सुर कोई।।
स्रोत अभिलेख 5.26 · पुस्तक पृ. 737, 738
भावार्थ
मूल पाठ के बादहाय बप्पा! हाय मैया! इस अवसरपर हमें कौन बचावेगा? [चारों ओर] यही पुकार सुनायी पड़ रही है। हमने तो पहले ही कहा था कि यह वानर नहीं है, वानरका रूप धरे कोई देवता है!॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 738 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तात मातु हा सुनिअ पुकारा। एहि अवसर को हमहि उबारा।।
English explanation
Cries of ‘Alas, father! Alas, mother!’ could be heard. ‘Who will save us at this moment?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तात | पिता! | Father! |
| मातु | माता! | Mother! |
| हा | हाय! | Alas! |
| सुनिअ | सुनाई पड़ती है | is heard |
| पुकारा | पुकार | cries |
| एहि | इस | this |
| अवसर | समय में | at the moment |
| को | कौन | who |
| हमहि | हमें | us |
| उबारा | बचाएगा | will rescue |
2 हम जो कहा यह कपि नहिं होई। बानर रूप धरें सुर कोई।।
English explanation
‘As we had said, this is no ordinary monkey; some deity has assumed a monkey’s form.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | हमने | we |
| जो | जो बात | what |
| कहा | कही थी | had said |
| यह | यह | this one |
| कपि | बंदर | monkey |
| नहिं | नहीं | not |
| होई | है | is |
| बानर | वानर का | a monkey’s |
| रूप | रूप | form |
| धरें | धारण किए हुए | having assumed |
| सुर | देवता | deity |
| कोई | कोई | some |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 738
- सहायक विषय
- लङ्का-दहन
- मुद्रित पृष्ठ
- 737, 738
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।