सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तिन्हहि निपाति ताहि सन बाजा। भिरे जुगल मानहुँ गजराजा।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउन सबको मारकर फिर मेघनादसे लडऩे लगे। [लड़ते हुए वे ऐसे मालूम होते थे] मानो दो गजराज (श्रेष्ठ हाथी) भिड़ गये हों। हनुमान्जी उसे एक घूँसा मारकर वृक्षपर जा चढ़े। उसको क्षणभरके लिये मूच्र्छा आ गयी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 732 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तिन्हहि निपाति ताहि सन बाजा। भिरे जुगल मानहुँ गजराजा।
मुठिका मारि चढ़ा तरु जाई। ताहि एक छन मुरुछा आई।।
स्रोत अभिलेख 5.19 · पुस्तक पृ. 731, 732
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तिन्हहि निपाति ताहि सन बाजा। भिरे जुगल मानहुँ गजराजा।
English explanation
After felling those warriors, Hanuman engaged Meghanada. The two clashed like mighty elephants.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिन्हहि | उन योद्धाओं को | those warriors |
| निपाति | मार गिराकर | having felled |
| ताहि | उस मेघनाद | him, Meghanada |
| सन | से; के साथ | with |
| बाजा | भिड़े | engaged in combat |
| भिरे | भिड़ गए | clashed |
| जुगल | दोनों | the two |
| मानहुँ | मानो | as though |
| गजराजा | विशाल हाथी | mighty elephants |
2 मुठिका मारि चढ़ा तरु जाई। ताहि एक छन मुरुछा आई।।
English explanation
Hanuman struck him with his fist and went up a tree. Meghanada lost consciousness for a moment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुठिका | मुक्का | a fist-blow |
| मारि | मारकर | having struck |
| चढ़ा | चढ़ गए | climbed |
| तरु | वृक्ष पर | up a tree |
| जाई | जाकर | having gone |
| ताहि | उस मेघनाद को | to him, Meghanada |
| एक | एक | one |
| छन | क्षण | moment |
| मुरुछा | मूर्च्छा; बेहोशी | unconsciousness |
| आई | आ गई | came upon him |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 732
- सहायक विषय
- हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 731, 732
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।