सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अति बिसाल तरु एक उपारा। बिरथ कीन्ह लंकेस कुमारा।।
मूल पाठ
अति बिसाल तरु एक उपारा। बिरथ कीन्ह लंकेस कुमारा।।
रहे महाभट ताके संगा। गहि गहि कपि मर्दइ निज अंगा।।
स्रोत अभिलेख 5.19 · पुस्तक पृ. 731, 732
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्होंने एक बहुत बड़ा वृक्ष उखाड़ लिया और [उसके प्रहारसे] लंकेश्वर रावणके पुत्र मेघनादको बिना रथका कर दिया (रथको तोड़कर उसे नीचे पटक दिया)। उसके साथ जो बड़े- बड़े योद्धा थे, उनको पकड़-पकड़कर हनुमान्जी अपने शरीरसे मसलने लगे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 732 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अति बिसाल तरु एक उपारा। बिरथ कीन्ह लंकेस कुमारा।।
English explanation
Hanuman uprooted a very large tree and deprived the son of Lanka's king of his chariot.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यंत | very |
| बिसाल | विशाल | large |
| तरु | वृक्ष | tree |
| एक | एक | one |
| उपारा | उखाड़ा | uprooted |
| बिरथ | रथविहीन | without a chariot |
| कीन्ह | कर दिया | made |
| लंकेस | लंका के राजा रावण का | of Ravana, king of Lanka |
| कुमारा | पुत्र मेघनाद | son Meghanada |
2 रहे महाभट ताके संगा। गहि गहि कपि मर्दइ निज अंगा।।
English explanation
Hanuman seized the great warriors accompanying Meghanada one after another and crushed them against his own body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रहे | थे | were |
| महाभट | बड़े योद्धा | great warriors |
| ताके | उस मेघनाद के | his, Meghanada's |
| संगा | साथ | with |
| गहि | पकड़कर | seizing |
| गहि | पकड़कर | seizing repeatedly |
| कपि | हनुमान | Hanuman |
| मर्दइ | कुचलते हैं | crushes |
| निज | अपने | his own |
| अंगा | शरीर से | against his body |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 732
- सहायक विषय
- हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 731, 732
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।