सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तासु बचन सुनि सागर पाहीं। मागत पंथ कृपा मन माहीं।।
मूल पाठ
तासु बचन सुनि सागर पाहीं। मागत पंथ कृपा मन माहीं।।
सुनत बचन बिहसा दससीसा। जौं असि मति सहाय कृत कीसा।।
स्रोत अभिलेख 5.56 · पुस्तक पृ. 764, 765
भावार्थ
मूल पाठ के बादउनके (आपके भाईके) वचन सुनकर वे (श्रीरामजी) समुद्रसे राह माँग रहे हैं, उनके मनमें कृपा भरी है [इसलिये वे उसे सोखते नहीं]। दूतके ये वचन सुनते ही रावण खूब हँसा [और बोला—] जब ऐसी बुद्धि है, तभी तो वानरोंको सहायक बनाया है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 764 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तासु बचन सुनि सागर पाहीं। मागत पंथ कृपा मन माहीं।।
English explanation
Having heard Vibhishana’s advice, Rama is asking the ocean for passage, with compassion in his heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उस विभीषण के | of him, Vibhishana |
| बचन | वचन | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सागर | समुद्र | the ocean |
| पाहीं | से, उसके पास | from, in its presence |
| मागत | माँग रहे हैं | are asking for |
| पंथ | मार्ग | passage |
| कृपा | दया | compassion |
| मन | मन | the heart |
| माहीं | में | within |
2 सुनत बचन बिहसा दससीसा। जौं असि मति सहाय कृत कीसा।।
English explanation
Hearing these words, ten-headed Ravana laughed: “If that is his judgment, no wonder he has made monkeys his allies!”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| बचन | बातें | the words |
| बिहसा | हँसा | laughed |
| दससीसा | दस सिर वाला रावण | ten-headed Ravana |
| जौं | यदि | if |
| असि | ऐसी | such |
| मति | बुद्धि | judgment |
| सहाय | सहायक | allies |
| कृत | बनाए हैं | has made |
| कीसा | वानरों को | the monkeys |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.56
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 764
- सहायक विषय
- दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना
- मुद्रित पृष्ठ
- 764, 765
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।