सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तरु पल्लव महुँ रहा लुकाई। करइ बिचार करौं का भाई।।
मूल पाठ
तरु पल्लव महुँ रहा लुकाई। करइ बिचार करौं का भाई।।
तेहि अवसर रावनु तहँ आवा। संग नारि बहु किएँ बनावा।।
स्रोत अभिलेख 5.9 · पुस्तक पृ. 722, 723
भावार्थ
मूल पाठ के बादहनुमान्जी वृक्षके पत्तोंमें छिप रहे और विचार करने लगे कि हे भाई! क्या करूँ (इनका दु:ख कैसे दूर करूँ)? उसी समय बहुत-सी स्त्रियोंको साथ लिये सज-धजकर रावण वहाँ आया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 722 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तरु पल्लव महुँ रहा लुकाई। करइ बिचार करौं का भाई।।
English explanation
Hanuman remained hidden among the tree’s leaves and pondered, “What should I do, brother?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तरु | वृक्ष | tree |
| पल्लव | नए पत्ते | young leaves |
| महुँ | में | among |
| रहा | रहे | remained |
| लुकाई | छिपकर | hidden |
| करइ | करते हैं | does |
| बिचार | विचार | reflection |
| करौं | मैं करूँ | should I do |
| का | क्या | what |
| भाई | भाई; आत्मसंवाद का संबोधन | brother; an address in self-talk |
2 तेहि अवसर रावनु तहँ आवा। संग नारि बहु किएँ बनावा।।
English explanation
At that moment Ravana arrived there, accompanied by many adorned women.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस | that |
| अवसर | समय | moment |
| रावनु | रावण, लंका का राजा | Ravana, king of Lanka |
| तहँ | वहाँ | there |
| आवा | आया | came |
| संग | साथ | along with |
| नारि | स्त्रियाँ | women |
| बहु | बहुत-सी | many |
| किएँ | किए हुए | having done |
| बनावा | साज-शृंगार | adornment |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 722
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका अशोकवाटिकामें सीताको देखकर दु:खी होना और रावणका सीताजीको भय दिखलाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 722, 723
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।