सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जात पवनसुत देवन्ह देखा। जानैं कहुँ बल बुद्धि बिसेषा।।
मूल पाठ
जात पवनसुत देवन्ह देखा। जानैं कहुँ बल बुद्धि बिसेषा।।
सुरसा नाम अहिन्ह कै माता। पठइन्हि आइ कही तेहिं बाता।।
स्रोत अभिलेख 5.2 · पुस्तक पृ. 715, 716
भावार्थ
मूल पाठ के बाददेवताओंने पवनपुत्र हनुमान्जीको जाते हुए देखा। उनकी विशेष बल-बुद्धिको जाननेके लिये (परीक्षार्थ) उन्होंने सुरसा नामक सर्पोंकी माताको भेजा, उसने आकर हनुमान्जीसे यह बात कही—॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 715 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जात पवनसुत देवन्ह देखा। जानैं कहुँ बल बुद्धि बिसेषा।।
English explanation
The gods saw Hanuman, son of the wind god, on his way and wished to test his exceptional strength and intelligence.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जात | जाते हुए | going |
| पवनसुत | पवनदेव के पुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind god |
| देवन्ह | देवताओं ने | the gods |
| देखा | देखा | saw |
| जानैं | जानने या परखने के लिए | to ascertain or test |
| कहुँ | के लिए | for the purpose of |
| बल | शक्ति | strength |
| बुद्धि | बुद्धिमत्ता | intelligence |
| बिसेषा | विशेष सामर्थ्य | exceptional degree |
2 सुरसा नाम अहिन्ह कै माता। पठइन्हि आइ कही तेहिं बाता।।
English explanation
They sent Surasa, the mother of serpents. She came and said the following.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुरसा | सर्पों की माता सुरसा | Surasa, mother of serpents |
| नाम | नाम वाली | named |
| अहिन्ह | सर्पों की | of serpents |
| कै | की | of |
| माता | माता | mother |
| पठइन्हि | उन्होंने भेजा | they sent |
| आइ | आकर | having come |
| कही | कही | said |
| तेहिं | उसने, सुरसा ने | she, Surasa |
| बाता | बात | these words |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 715
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका लङ्काको प्रस्थान, सुरसासे भेंट, छाया पकड़नेवाली राक्षसीका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 715, 716
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