सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जदपि कहि कपि अति हित बानी। भगति बिबेक बिरति नय सानी।।
मूल पाठ
जदपि कहि कपि अति हित बानी। भगति बिबेक बिरति नय सानी।।
बोला बिहसि महा अभिमानी। मिला हमहि कपि गुर बड़ ग्यानी।।
स्रोत अभिलेख 5.24 · पुस्तक पृ. 736, 736
भावार्थ
मूल पाठ के बादयद्यपि हनुमान्जीने भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और नीतिसे सनी हुई बहुत ही हितकी वाणी कही, तो भी वह महान् अभिमानी रावण बहुत हँसकर (व्यंगसे) बोला कि हमें यह बंदर बड़ा ज्ञानी गुरु मिला!॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 736 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जदपि कहि कपि अति हित बानी। भगति बिबेक बिरति नय सानी।।
English explanation
AI draft: Although Hanuman spoke exceedingly beneficial words, imbued with devotion, discernment, detachment, and sound policy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जदपि | यद्यपि | although |
| कहि | कही | spoke |
| कपि | वानर हनुमान ने | Hanuman, the monkey envoy |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| हित | हितकारी | beneficial |
| बानी | वाणी | words |
| भगति | भक्ति | devotion |
| बिबेक | विवेक | discernment |
| बिरति | वैराग्य | detachment |
| नय | नीति | sound policy |
| सानी | से सनी हुई | imbued with |
2 बोला बिहसि महा अभिमानी। मिला हमहि कपि गुर बड़ ग्यानी।।
English explanation
The exceedingly arrogant Ravana laughed and said, ‘We have found ourselves a very learned monkey teacher!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोला | बोला | said |
| बिहसि | हँसकर | laughing |
| महा | अत्यंत | exceedingly |
| अभिमानी | अभिमानी रावण | arrogant Ravana |
| मिला | मिल गया | have found |
| हमहि | हमें | to us |
| कपि | वानर | monkey |
| गुर | गुरु | teacher |
| बड़ | बड़ा | very |
| ग्यानी | ज्ञानी | learned |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 736
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 736, 736
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।