सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कह सुक नाथ सत्य सब बानी। समुझहु छाड़ि प्रकृति अभिमानी।।
मूल पाठ
कह सुक नाथ सत्य सब बानी। समुझहु छाड़ि प्रकृति अभिमानी।।
सुनहु बचन मम परिहरि क्रोधा। नाथ राम सन तजहु बिरोधा।।
स्रोत अभिलेख 5.57 · पुस्तक पृ. 765, 766
भावार्थ
मूल पाठ के बादशुक (दूत) ने कहा—हे नाथ! अभिमानी स्वभावको छोड़कर [इस पत्रमें लिखी] सब बातोंको सत्य समझिये। क्रोध छोड़कर मेरा वचन सुनिये। हे नाथ! श्रीरामजीसे वैर त्याग दीजिये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 765 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कह सुक नाथ सत्य सब बानी। समुझहु छाड़ि प्रकृति अभिमानी।।
English explanation
Shuka said, ‘My lord, everything said is true. Set aside your arrogant disposition and understand.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहता है | says |
| सुक | शुक, रावण का दूत | Shuka, Ravana's messenger |
| नाथ | हे स्वामी | my lord |
| सत्य | सच्ची | true |
| सब | सारी | all |
| बानी | बातें | statements |
| समुझहु | समझिए | understand |
| छाड़ि | छोड़कर | setting aside |
| प्रकृति | स्वभाव | disposition |
| अभिमानी | अहंकारयुक्त | arrogant |
2 सुनहु बचन मम परिहरि क्रोधा। नाथ राम सन तजहु बिरोधा।।
English explanation
Set aside anger and hear my words. My lord, abandon your hostility toward Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनहु | सुनिए | listen |
| बचन | वचन; बात | words |
| मम | मेरे | my |
| परिहरि | त्यागकर | setting aside |
| क्रोधा | क्रोध | anger |
| नाथ | हे स्वामी | my lord |
| राम | राम | Rama |
| सन | से; के साथ | with; toward |
| तजहु | त्याग दीजिए | abandon |
| बिरोधा | विरोध; शत्रुता | hostility |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.57
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 765
- सहायक विषय
- दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना
- मुद्रित पृष्ठ
- 765, 766
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।