सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहहु कवन मैं परम कुलीना। कपि चंचल सबहीं बिधि हीना।।
मूल पाठ
कहहु कवन मैं परम कुलीना। कपि चंचल सबहीं बिधि हीना।।
प्रात लेइ जो नाम हमारा। तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा।।
स्रोत अभिलेख 5.7 · पुस्तक पृ. 720, 721
भावार्थ
मूल पाठ के बादभला कहिये, मैं ही कौन बड़ा कुलीन हूँ? [जातिका] चञ्चल वानर हूँ और सब प्रकारसे नीच हूँ। प्रात:काल जो हमलोगों (बंदरों) का नाम ले ले तो उस दिन उसे भोजन न मिले॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 721 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कहहु कवन मैं परम कुलीना। कपि चंचल सबहीं बिधि हीना।।
English explanation
Tell me, what makes me so nobly born? I am merely a restless monkey, lowly in every respect.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहु | बताइए | tell me |
| कवन | कौन-सा, भला कहाँ | what sort of; how could |
| मैं | मैं | I |
| परम | अत्यंत | exceedingly |
| कुलीना | उच्च कुल में जन्मा | nobly born |
| कपि | वानर | monkey |
| चंचल | चंचल | restless |
| सबहीं | सभी | every |
| बिधि | प्रकार से | in respect |
| हीना | हीन | lowly, deficient |
2 प्रात लेइ जो नाम हमारा। तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा।।
English explanation
“Whoever takes my name in the morning gets no food that day,” Hanuman says in self-deprecation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रात | प्रातःकाल | in the morning |
| लेइ | लेता है | utters |
| जो | जो कोई | whoever |
| नाम | नाम | name |
| हमारा | मेरा | my |
| तेहि | उस | that |
| दिन | दिन | day |
| ताहि | उसे | to that person |
| न | नहीं | not |
| मिलै | मिलता है | is obtained |
| अहारा | भोजन | food |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.7
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 721
- सहायक विषय
- हनुमान्-विभीषण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 720, 721
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।