सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कपि बंधन सुनि निसिचर धाए। कौतुक लागि सभाँ सब आए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दबंदरका बाँधा जाना सुनकर राक्षस दौड़े और कौतुकके लिये (तमाशा देखनेके लिये) सब सभामें आये। हनुमान्जीने जाकर रावणकी सभा देखी। उसकी अत्यन्त प्रभुता (ऐश्वर्य) कुछ कही नहीं जाती॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 732 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कपि बंधन सुनि निसिचर धाए। कौतुक लागि सभाँ सब आए।।
दसमुख सभा दीखि कपि जाई। कहि न जाइ कछु अति प्रभुताई।।
स्रोत अभिलेख 5.2 · पुस्तक पृ. 732, 733
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कपि बंधन सुनि निसिचर धाए। कौतुक लागि सभाँ सब आए।।
English explanation
Hearing of Hanuman’s capture, the demons rushed over; all came to the court to see the spectacle.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपि | हनुमान का | Hanuman’s |
| बंधन | बाँधा जाना | being bound |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| निसिचर | राक्षस | demons |
| धाए | दौड़ पड़े | rushed |
| कौतुक | तमाशा; देखने का कौतूहल | spectacle; curiosity |
| लागि | के लिए | for |
| सभाँ | सभा में | into the court |
| सब | सभी | all |
| आए | आए | came |
2 दसमुख सभा दीखि कपि जाई। कहि न जाइ कछु अति प्रभुताई।।
English explanation
Hanuman went and saw Ravana’s court. Its immense grandeur and display of power were beyond description.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दसमुख | दस मुखों वाले रावण की | of ten-headed Ravana |
| सभा | राजसभा | royal court |
| दीखि | देखी | saw |
| कपि | हनुमान ने | Hanuman |
| जाई | जाकर | having gone there |
| कहि | कहा; वर्णन किया | described |
| न | नहीं | not |
| जाइ | जा सकता | can be |
| कछु | कुछ भी | anything |
| अति | अत्यधिक | immense |
| प्रभुताई | प्रभुत्व और शान | power and grandeur |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 732
- सहायक विषय
- हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 732, 733
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।