सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ए कपि सब सुग्रीव समाना। इन्ह सम कोटिन्ह गनइ को नाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दये सब वानर बलमें सुग्रीवके समान हैं और इनके-जैसे [एक-दो नहीं] करोड़ों हैं, उन बहुत- सोंको गिन ही कौन सकता है? श्रीरामजीकी कृपासे उनमें अतुलनीय बल है। वे तीनों लोकोंको तृणके समान [तुच्छ] समझते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 763 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
ए कपि सब सुग्रीव समाना। इन्ह सम कोटिन्ह गनइ को नाना।।
राम कृपाँ अतुलित बल तिन्हहीं। तृन समान त्रेलोकहि गनहीं।।
स्रोत अभिलेख 5.55 · पुस्तक पृ. 763, 764
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 ए कपि सब सुग्रीव समाना। इन्ह सम कोटिन्ह गनइ को नाना।।
English explanation
All these monkeys are equal to Sugriva. Who could count the countless millions of others like them?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ए | ये | these |
| कपि | वानर | monkeys |
| सब | सभी | all |
| सुग्रीव | वानरराज सुग्रीव | Sugriva, the monkey king |
| समाना | के समान | equal to |
| इन्ह | इन वानरों के | these monkeys |
| सम | समान | like |
| कोटिन्ह | करोड़ों | countless millions |
| गनइ | गिन सकता है | can count |
| को | कौन | who |
| नाना | अनेक प्रकार के | of many kinds |
2 राम कृपाँ अतुलित बल तिन्हहीं। तृन समान त्रेलोकहि गनहीं।।
English explanation
Through Rama’s grace they possess incomparable strength; they regard the three worlds as mere straw.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम की | Rama’s |
| कृपाँ | कृपा से | through grace |
| अतुलित | अतुलनीय | incomparable |
| बल | शक्ति | strength |
| तिन्हहीं | उन वानरों में | in those monkeys |
| तृन | तिनका | a blade of straw |
| समान | के समान | like |
| त्रेलोकहि | तीनों लोकों को | the three worlds |
| गनहीं | समझते हैं | regard |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.55
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 763
- सहायक विषय
- दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना
- मुद्रित पृष्ठ
- 763, 764
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।