सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि बिधि सो दच्छिन दिसि जाई। लंका मनहुँ बिभीषन पाई।।
मूल पाठ
एहि बिधि सो दच्छिन दिसि जाई। लंका मनहुँ बिभीषन पाई।।
नगर फिरी रघुबीर दोहाई। तब प्रभु सीता बोलि पठाई।।
स्रोत अभिलेख 5.11 · पुस्तक पृ. 724, 724
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकारसे वह दक्षिण (यमपुरीकी) दिशाको जा रहा है और मानो लङ्का विभीषणने पायी है। नगरमें श्रीरामचन्द्रजीकी दुहाई फिर गयी। तब प्रभुने सीताजीको बुला भेजा॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 724 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एहि बिधि सो दच्छिन दिसि जाई। लंका मनहुँ बिभीषन पाई।।
English explanation
In this condition he was going south, and it seemed as though Vibhishana had gained Lanka.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार; दशा में | manner; condition |
| सो | वह रावण | he, Ravana |
| दच्छिन | दक्षिण | southern |
| दिसि | दिशा में | in the direction |
| जाई | जा रहा है | goes; is going |
| लंका | लंका का राज्य | Lanka’s kingdom |
| मनहुँ | मानो | as though |
| बिभीषन | विभीषण ने, रावण के भाई ने | Vibhishana, Ravana’s brother |
| पाई | प्राप्त कर ली | had obtained |
2 नगर फिरी रघुबीर दोहाई। तब प्रभु सीता बोलि पठाई।।
English explanation
The proclamation of Rama’s authority spread through the city. Then the Lord sent for Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नगर | नगर में | through the city |
| फिरी | फैल गई; चारों ओर हुई | spread; circulated |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम की | of Rama, hero of Raghu’s lineage |
| दोहाई | सत्ता की घोषणा | proclamation of authority |
| तब | तब | then |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| सीता | सीता को | for Sita |
| बोलि | बुलाने को कहकर | with a summons |
| पठाई | संदेश भेजा | sent word |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 724
- सहायक विषय
- श्रीसीता-त्रिजटा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 724, 724
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