सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि बिधि करत सप्रेम बिचारा। आयउ सपदि सिंधु एहिं पारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दइस प्रकार प्रेमसहित विचार करते हुए वे शीघ्र ही समुद्रके इस पार (जिधर श्रीरामचन्द्रजीकी सेना थी) आ गये। वानरोंने विभीषणको आते देखा तो उन्होंने जाना कि शत्रुका कोई खास दूत है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 753 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
एहि बिधि करत सप्रेम बिचारा। आयउ सपदि सिंधु एहिं पारा।।
कपिन्ह बिभीषनु आवत देखा। जाना कोउ रिपु दूत बिसेषा।।
स्रोत अभिलेख 5.43 · पुस्तक पृ. 753, 754
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एहि बिधि करत सप्रेम बिचारा। आयउ सपदि सिंधु एहिं पारा।।
English explanation
AI interpretive draft: Reflecting lovingly in this way, Vibhishana promptly reached this side of the sea.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | way |
| करत | करते हुए | while doing |
| सप्रेम | प्रेमपूर्वक | with love |
| बिचारा | विचार | reflection |
| आयउ | आ गए | arrived |
| सपदि | तुरंत | promptly |
| सिंधु | समुद्र | the sea |
| एहिं | इस | this |
| पारा | पार; किनारे | side; shore |
2 कपिन्ह बिभीषनु आवत देखा। जाना कोउ रिपु दूत बिसेषा।।
English explanation
The monkeys saw Vibhishana approaching and took him to be some special envoy of the enemy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपिन्ह | वानरों ने | the monkeys |
| बिभीषनु | विभीषण को; रावण के भाई को | Vibhishana, Ravana’s brother |
| आवत | आते हुए | approaching |
| देखा | देखा | saw |
| जाना | समझा | supposed |
| कोउ | कोई | some |
| रिपु | शत्रु का | of the enemy |
| दूत | दूत | envoy |
| बिसेषा | विशेष | special |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.43
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 753
- सहायक विषय
- विभीषणका भगवान् श्रीरामजीकी शरणके लिये प्रस्थान और शरणप्राप्ति
- मुद्रित पृष्ठ
- 753, 754
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।