सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अब कहु कुसल जाउँ बलिहारी। अनुज सहित सुख भवन खरारी।।
मूल पाठ
अब कहु कुसल जाउँ बलिहारी। अनुज सहित सुख भवन खरारी।।
कोमलचित कृपाल रघुराई। कपि केहि हेतु धरी निठुराई।।
स्रोत अभिलेख 5.14 · पुस्तक पृ. 727, 728
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं बलिहारी जाती हूँ, अब छोटे भाई लक्ष्मणजीसहित खरके शत्रु सुखधाम प्रभुका कुशल-मङ्गल कहो। श्रीरघुनाथजी तो कोमलहृदय और कृपालु हैं। फिर हे हनुमान्! उन्होंने किस कारण यह निष्ठुरता धारण कर ली है?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 727 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अब कहु कुसल जाउँ बलिहारी। अनुज सहित सुख भवन खरारी।।
English explanation
Now tell me of the welfare of Rama, the abode of happiness and foe of Khara, along with his younger brother; I offer myself to you in gratitude.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| कहु | बताओ | tell |
| कुसल | कुशल-क्षेम | well-being |
| जाउँ | जाऊँ | may I go |
| बलिहारी | न्योछावर | in self-offering |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | younger brother Lakshmana |
| सहित | के साथ | together with |
| सुख | सुख का | of happiness |
| भवन | धाम | abode |
| खरारी | खर के शत्रु राम | Rama, foe of Khara |
2 कोमलचित कृपाल रघुराई। कपि केहि हेतु धरी निठुराई।।
English explanation
Rama, lord of the Raghu lineage, is tenderhearted and compassionate. O Hanuman, why has he become unfeeling?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोमलचित | कोमल हृदय वाले | tenderhearted |
| कृपाल | कृपालु | compassionate |
| रघुराई | रघुवंश के स्वामी राम | Rama, lord of the Raghu lineage |
| कपि | हे वानर हनुमान | O Hanuman, the monkey messenger |
| केहि | किस | what |
| हेतु | कारण | reason |
| धरी | धारण की | adopted |
| निठुराई | निष्ठुरता | hardheartedness |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.14
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 727
- सहायक विषय
- श्रीसीता-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 727, 728
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।