लङ्काकाण्ड · दोहा 21 · दोहा/सोरठा
हम कुल घालक सत्य तुम्ह कुल पालक दससीस।
हम कुल घालक सत्य तुम्ह कुल पालक दससीस।
अंधउ बधिर न अस कहहिं नयन कान तव बीस।।21।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 6.21 · पुस्तक पृ. 791, 792
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1हम कुल घालक सत्य तुम्ह कुल पालक दससीस।
हे दशशीश, सच है—मैं कुल का नाश करने वाला हूँ और तुम कुल की रक्षा करने वाले हो!
English explanation
Ten-headed Ravana, indeed—I destroy my family, while you preserve yours!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | मैं | I |
| कुल | कुल का | of the family |
| घालक | नाश करने वाला | destroyer |
| सत्य | सच है | indeed |
| तुम्ह | तुम | you |
| कुल | कुल के | of the family |
| पालक | रक्षक | preserver |
| दससीस | हे दस सिरों वाले रावण | O ten-headed Ravana |
2 अंधउ बधिर न अस कहहिं नयन कान तव बीस।।21।
अंधे और बहरे भी ऐसा नहीं कहते; तुम्हारे तो बीस आँखें और बीस कान हैं!
English explanation
Even the blind and deaf would not say such a thing; you have twenty eyes and twenty ears!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अंधउ | अंधे भी | even the blind |
| बधिर | बहरे | the deaf |
| न | नहीं | not |
| अस | ऐसा | such a thing |
| कहहिं | कहते हैं | say |
| नयन | आँखें | eyes |
| कान | कान | ears |
| तव | तुम्हारे | your |
| बीस | बीस-बीस | twenty each |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 21
- स्रोत अभिलेख
- 6.21
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 791, 792
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