लङ्काकाण्ड · दोहा 120 (ख) · दोहा
पुनि प्रभु आइ त्रिबेनीं हरषित मज्जनु कीन्ह।
पुनि प्रभु आइ त्रिबेनीं हरषित मज्जनु कीन्ह।
कपिन्ह सहित बिप्रन्ह कहुँ दान बिबिध बिधि दीन्ह॥ १२० (ख)॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 6.12 · पुस्तक पृ. 900, 901
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1पुनि प्रभु आइ त्रिबेनीं हरषित मज्जनु कीन्ह।
AI-प्रारूप: फिर प्रभु राम ने त्रिवेणी में आकर आनंदपूर्वक स्नान किया।
English explanation
AI draft: Then Lord Rama came to the Triveni confluence and joyfully bathed there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर; इसके बाद | then; afterward |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| आइ | आकर | having come |
| त्रिबेनीं | त्रिवेणी संगम में | at the Triveni confluence |
| हरषित | आनंदित होकर | joyfully |
| मज्जनु | स्नान | bathing |
| कीन्ह | किया | performed |
2कपिन्ह सहित बिप्रन्ह कहुँ दान बिबिध बिधि दीन्ह॥ १२० (ख)॥
AI-प्रारूप: राम ने वानरों सहित ब्राह्मणों को अनेक प्रकार से दान दिया।
English explanation
AI draft: Rama, together with the monkeys, gave gifts to the Brahmins in various ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपिन्ह | वानरों के | the monkeys |
| सहित | साथ | together with |
| बिप्रन्ह | ब्राह्मणों | the Brahmins |
| कहुँ | को | to |
| दान | दान; उपहार | gifts; charitable offerings |
| बिबिध | विविध; अनेक | various; many |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| दीन्ह | दिया | gave |
| ख | पद-संदर्भ का चिह्न ‘ख’ | verse-reference marker ‘ख’ |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- दोहा 120 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 6.12
- सहायक विषय
- पुष्पकविमानपर चढ़कर श्रीसीता-रामजीका अवधके लिये प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 900, 901
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।