लङ्काकाण्ड · दोहा · दोहा/सोरठा
धर्महीन प्रभु पद बिमुख काल बिबस दससीस।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्ददशशीश रावण धर्महीन, प्रभुके पदसे विमुख और कालके वशमें है। इसलिये हे कोसलराज! सुनिये, वे गुण रावणको छोड़कर आपके पास आ गये हैं॥ ३८ (क)॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 810 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
धर्महीन प्रभु पद बिमुख काल बिबस दससीस।
तेहि परिहरि गुन आए सुनहु कोसलाधीस।।38(((क)।।
स्रोत अभिलेख 6.38 · पुस्तक पृ. 809, 810
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1धर्महीन प्रभु पद बिमुख काल बिबस दससीस।
English explanation
Ten-headed Ravana is devoid of righteousness, turned away from the Lord's feet, and subject to doom.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धर्महीन | धर्म से रहित | devoid of righteousness |
| प्रभु | प्रभु के | the Lord's |
| पद | चरणों से | from the feet |
| बिमुख | विमुख | turned away |
| काल | काल के; मृत्यु के | of Time; of death |
| बिबस | वश में; विवश | in the power of |
| दससीस | दस सिरों वाला रावण | ten-headed Ravana |
2 तेहि परिहरि गुन आए सुनहु कोसलाधीस।।38(((क)।।
English explanation
Listen, Lord of Kosala: those qualities abandoned Ravana and came to you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उसे; रावण को | him; Ravana |
| परिहरि | छोड़कर | having abandoned |
| गुन | वे चार गुण | those four qualities |
| आए | आ गए | came |
| सुनहु | सुनिए | listen |
| कोसलाधीस | हे कोसल के स्वामी राम | O Rama, Lord of Kosala |
| क | पद्य-संदर्भ चिह्न ‘क’ | verse reference marker ‘क’ |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा
- स्रोत अभिलेख
- 6.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 810
- सहायक विषय
- अंगद-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 809, 810
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।