लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
बैदेहि अनुज समेत। मम हृदयँ करहु निकेत।।
मूल पाठ
बैदेहि अनुज समेत। मम हृदयँ करहु निकेत।।
मोहि जानिए निज दास। दे भक्ति रमानिवास।।8।।
स्रोत अभिलेख 6.113 · पुस्तक पृ. 892, 893
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीजानकीजी और छोटे भाई लक्ष्मणजीसहित मेरे हृदयमें अपना घर बनाइये। हे रमानिवास! मुझे अपना दास समझिये और अपनी भक्ति दीजिये॥ ८॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 893 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बैदेहि अनुज समेत। मम हृदयँ करहु निकेत।।
English explanation
Together with Sita and your younger brother Lakshmana, make your dwelling in my heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बैदेहि | वैदेही सीता | Sita, daughter of the king of Videha |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | your younger brother Lakshmana |
| समेत | सहित; साथ | together with |
| मम | मेरे | my |
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| करहु | कीजिए; बनाइए | please make |
| निकेत | निवास; घर | dwelling; abode |
2 मोहि जानिए निज दास। दे भक्ति रमानिवास।।8।।
English explanation
Regard me as your own servant and grant me devotion, O Lord who is the abode of Lakshmi!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मुझे | me |
| जानिए | जानिए; मानिए | recognize; regard |
| निज | अपना | your own |
| दास | सेवक | servant |
| दे | दीजिए | grant |
| भक्ति | भक्ति; भक्तिभाव | devotion |
| रमानिवास | हे लक्ष्मी के निवासस्वरूप प्रभु | O abode of Lakshmi |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.113
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 893
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 892, 893
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।