लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
दे भक्ति रमानिवास त्रास हरन सरन सुखदायकं।
मूल पाठ
दे भक्ति रमानिवास त्रास हरन सरन सुखदायकं।
सुख धाम राम नमामि काम अनेक छबि रघुनायकं।।
सुर बृंद रंजन द्वंद भंजन मनुज तनु अतुलितबलं।
ब्रह्मादि संकर सेब्य राम नमामि करुना कोमलं।।
स्रोत अभिलेख 6.113 · पुस्तक पृ. 892, 893
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे रमानिवास! हे शरणागतके भयको हरनेवाले और उसे सब प्रकारका सुख देनेवाले! मुझे अपनी भक्ति दीजिये। हे सुखके धाम! हे अनेकों कामदेवोंकी छबिवाले रघुकुलके स्वामी श्रीरामचन्द्रजी! मैं आपको नमस्कार करता हूँ। हे देवसमूहको आनन्द देनेवाले, [जन्म-मृत्यु, हर्ष- विषाद, सुख-दु:ख आदि] द्वन्द्वोंके नाश करनेवाले, मनुष्यशरीरधारी, अतुलनीय बलवाले, ब्रह्मा और शिव आदिसे सेवनीय, करुणासे कोमल श्रीरामजी! मैं आपको नमस्कार करता हूँ।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 893 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 दे भक्ति रमानिवास त्रास हरन सरन सुखदायकं।
English explanation
Grant me devotion, O abode of Lakshmi, remover of fear and giver of happiness to those who seek refuge!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दे | दीजिए | grant |
| भक्ति | भक्ति | devotion |
| रमानिवास | हे लक्ष्मी के आश्रय | O abode of Lakshmi |
| त्रास | भय; आतंक | fear; terror |
| हरन | हरने वाले | remover of |
| सरन | शरणागतों को; शरण में | to those in refuge |
| सुखदायकं | सुख देने वाले | giver of happiness |
2 सुख धाम राम नमामि काम अनेक छबि रघुनायकं।।
English explanation
I bow to Rama, the abode of happiness and leader of Raghu’s lineage, whose beauty embodies that of many gods of love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुख | सुख का | of happiness |
| धाम | आश्रय; भंडार | abode; repository |
| राम | राम को | to Rama |
| नमामि | मैं नमस्कार करता हूँ | I bow to |
| काम | कामदेव | the god of love |
| अनेक | अनेक | many |
| छबि | शोभा; सुंदरता | beauty; splendor |
| रघुनायकं | रघुकुल के नायक को | to the leader of Raghu’s lineage |
3 सुर बृंद रंजन द्वंद भंजन मनुज तनु अतुलितबलं।
English explanation
He delights the hosts of gods, dispels dualities, and possesses incomparable strength in a human body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवताओं के | of the gods |
| बृंद | समूह को | the host; multitude |
| रंजन | आनंद देने वाले | one who delights |
| द्वंद | द्वंद्वों; विरोधी युग्मों को | dualities; opposing pairs |
| भंजन | मिटाने वाले | destroyer; dispeller |
| मनुज | मनुष्य का | human |
| तनु | शरीर धारण किए हुए | having a body |
| अतुलितबलं | अतुलनीय बल वाले | of incomparable strength |
4 ब्रह्मादि संकर सेब्य राम नमामि करुना कोमलं।।
English explanation
I bow to Rama, worshipped by Brahma and others and by Shiva, tender with compassion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्रह्मादि | ब्रह्मा आदि द्वारा | by Brahma and others |
| संकर | शंकर; शिव द्वारा | by Shiva |
| सेब्य | सेवा और पूजा के योग्य | worthy of service and worship |
| राम | राम को | to Rama |
| नमामि | मैं नमस्कार करता हूँ | I bow to |
| करुना | करुणा से | with compassion |
| कोमलं | कोमल; मृदुहृदय | tender; gentle-hearted |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.113
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 893
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 892, 893
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।