लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
बहु राम लछिमन देखि मर्कट भालु मन अति अपडरे।
मूल पाठ
बहु राम लछिमन देखि मर्कट भालु मन अति अपडरे।
जनु चित्र लिखित समेत लछिमन जहँ सो तहँ चितवहिं खरे॥
निज सेन चकित बिलोकि हँसि सर चाप सजि कोसल धनी।
माया हरी हरि निमिष महुँ हरषी सकल मर्कट अनी॥
स्रोत अभिलेख 6.89 · पुस्तक पृ. 861, 862
भावार्थ
मूल पाठ के बादबहुत-से राम-लक्ष्मण देखकर वानर-भालू मनमें मिथ्या डरसे बहुत ही डर गये। लक्ष्मणजीसहित वे मानो चित्रलिखे-से जहाँ-के-तहाँ खड़े देखने लगे। अपनी सेनाको आश्चर्यचकित देखकर कोसलपति भगवान् हरि (दु:खोंके हरनेवाले श्रीरामजी) ने हँसकर धनुषपर बाण चढ़ाकर, पलभरमें सारी माया हर ली। वानरोंकी सारी सेना हॢषत हो गयी।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 862 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1बहु राम लछिमन देखि मर्कट भालु मन अति अपडरे।
English explanation
AI-draft meaning: Seeing many forms of Rama and Lakshmana, the monkeys and bears became deeply frightened.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहु | अनेक | many |
| राम | श्रीराम के रूप | forms of Rama |
| लछिमन | लक्ष्मण के रूप | forms of Lakshmana, Rama’s brother |
| देखि | देखकर | on seeing |
| मर्कट | वानर | monkeys |
| भालु | भालू | bears |
| मन | मन में | in their minds |
| अति | अत्यंत | extremely |
| अपडरे | डर गए | became frightened |
2जनु चित्र लिखित समेत लछिमन जहँ सो तहँ चितवहिं खरे॥
English explanation
Together with Lakshmana, they seemed like figures painted in a picture; each remained standing where he was, gazing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनु | मानो | as though |
| चित्र | चित्र में | in a picture |
| लिखित | अंकित | depicted |
| समेत | सहित | together with |
| लछिमन | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| जहँ | जहाँ | where |
| सो | वह व्यक्ति | that person; each one |
| तहँ | वहीं | there |
| चितवहिं | देखते रहते हैं | keep gazing |
| खरे | खड़े | standing |
3निज सेन चकित बिलोकि हँसि सर चाप सजि कोसल धनी।
English explanation
Seeing his own army bewildered, Rama, lord of Kosala, smiled and readied his bow and arrows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपनी | his own |
| सेन | सेना | army |
| चकित | चकित, स्तब्ध | bewildered, stunned |
| बिलोकि | देखकर | having seen |
| हँसि | हँसकर | having smiled |
| सर | बाण | arrows |
| चाप | धनुष | bow |
| सजि | तैयार करके | having readied |
| कोसल | कोसल देश के | of Kosala |
| धनी | स्वामी, राम | the lord, Rama |
4माया हरी हरि निमिष महुँ हरषी सकल मर्कट अनी॥
English explanation
Rama, here called Hari, dispelled the illusion in an instant, and the entire monkey army rejoiced.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| माया | भ्रम उत्पन्न करने वाली माया | the deceptive illusion |
| हरी | दूर कर दी | dispelled |
| हरि | हरि, यहाँ श्रीराम | Hari, here referring to Rama |
| निमिष | एक पल | an instant |
| महुँ | में | in |
| हरषी | हर्षित हुई | rejoiced |
| सकल | सारी | entire |
| मर्कट | वानरों की | of monkeys |
| अनी | सेना | army |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.89
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 862
- सहायक विषय
- इन्द्रका श्रीरामजीके लिये रथ भेजना, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 861, 862
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।